नयी दिल्ली , जनवरी 23 -- गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतज़ाम किए गए हैं और किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गयी है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार राजधानी के संवेदनशील इलाकों, सीमावर्ती क्षेत्रों और प्रमुख सरकारी भवनों के आसपास कड़ी निगरानी की जा रही है। गणतंत्र दिवस की सुरक्षा में करीब 70 हजार से अधिक पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। इसके अलावा एनएसजी कमांडो और बम निरोधक दस्ते भी पूरी तरह से सक्रिय हैं। कर्तव्य पथ, इंडिया गेट, राष्ट्रपति भवन, संसद भवन और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा घेरा बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि ड्रोन और अत्याधुनिक तकनीक के ज़रिये निगरानी को और मजबूत किया गया है। संदिग्ध गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे और फेस रिकग्निशन सिस्टम का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने परेड मार्ग और उसके आसपास के इलाकों में "नो ड्रोन ज़ोन" घोषित किया है। सोशल मीडिया और साइबर स्पेस पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि अफवाहों या किसी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
सीमावर्ती इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही है। होटल, गेस्ट हाउस और किराए पर रहने वाले लोगों के सत्यापन अभियान को तेज कर दिया गया है। बाजारों, मॉल और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस की गश्त बढ़ाई गई है। इसके साथ ही हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है ताकि यह राष्ट्रीय पर्व बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
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