नयी दिल्ली , फरवरी 02 -- दिल्ली के शिक्षा एवं खेल मामलों के मंत्री आशीष सूद ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार ने खेलों को फिर से प्राथमिकता देते हुए राजधानी को देश की 'स्पोर्ट्स कैपिटल' बनाने का संकल्प लिया है।

श्री सूद ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने खेलों को फिर से प्राथमिकता देते हुए राजधानी को देश की स्पोर्ट्स कैपिटल बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों तक दिल्ली में खेल और युवा गतिविधियाँ उपेक्षा का शिकार रहीं जिस कारण जहाँ एक ओर पूर्ववर्ती सरकार ने खेलो के लिए उचित बजट भी नही दिया वहीँ दूसरी ओर दिल्ली के बच्चों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भाग भी नहीं लिया। वर्ष 2021-22 में जहाँ खेलों का बजट 60 करोड़ रुपये था, 2022-23 में 41 करोड़, 2023-24 में 26 करोड़, वहीं 2024-25 तक यह घटकर 26 करोड़ रुपये रह गया। वर्तमान सरकार ने इस स्थिति को बदलते हुए वर्ष 2025-26 में खेल एवं युवा मामलों के लिए इसे तीन गुना कर 76 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।

उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर आक्षेप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल के दौरान खेल और युवा मामलों को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। बजट में भारी कटौती, वित्तीय कुप्रबंधन और केंद्र सरकार से अनावश्यक टकराव के कारण राजधानी में खेलों का समग्र विकास बुरी तरह प्रभावित हुआ। बजट कटौती का सीधा असर खेल परिसरों के रखरखाव, विस्तार और खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं पर पड़ा। खेलों के विकास में निवेश करने के बजाय सरकार ने वर्षों तक देनदारियों को लंबित रखा। सत्ता परिवर्तन के बाद वर्ष 2025-26 में इन लंबित भुगतानों को चुकाया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि पूर्व सरकार के दौरान दीर्घकालिक खेल नीति और वित्तीय अनुशासन का अभाव था।

शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि केजरीवाल सरकार ने जानबूझकर राष्ट्रीय युवा एवं खेल कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखी। केंद्र सरकार द्वारा संचालित पहलों में दिल्ली की सक्रिय भागीदारी नहीं रही, जिससे राजधानी के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर के अवसरों से वंचित होना पड़ा। हमारी सरकार द्वारा खेलों को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएँ शुरू की गईं, जिनमें खिलाड़ियों को आर्थिक सहयोग और सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, खिलाड़ियों के लिए आवास, यात्रा सुविधाएँ और स्टेडियम सुविधाओं में भी सुधार की पहल की गई है।

शिक्षा मंत्री ने आगे बताया कि 'दिल्ली खेल महाकुंभ' का उदघाटन 13 फरवरी को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में इसमें कबड्डी, फुटबॉल, एथलेटिक्स, रेसलिंग, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल और स्क्वैश-इन सात खेलों को शामिल किया गया है, जिनमें 20,000 से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे। यह महाकुंभ एक महीने तक दिल्ली के 16 विभिन्न स्टेडियमों एवं वेन्यूज जैसे बवाना, विकासपुरी, नजफगढ़ सहित राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित किया जाएगा, ताकि हर क्षेत्र के युवाओं को समान अवसर मिल सके।

उन्होंने कहा कि टीम इवेंट्स में गोल्ड विजेता टीम को 1,75,000, सिल्वर को 1,51,000 और ब्रॉन्ज़ विजेता टीम को 1,31,000 दिए जाएंगे। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में गोल्ड विजेता को Rs.11,000, सिल्वर को Rs.9,000 और ब्रॉन्ज़ को Rs.7,000 का पुरस्कार मिलेगा।

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