नयी दिल्ली , दिसंबर 11 -- दिल्ली पुलिस ने नोटबंदी के बाद बंद हुए 500 और 1,000 रुपये के नोटों का अवैध कारोबार करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया और 3.59 करोड़ रुपये मूल्य के अमान्य नोट बरामद किये हैं। यह जानकारी एक अधिकारी ने गुरुवार को दी।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और अवैध व्यापार में कथित रूप से उपयोग किए गए दो वाहनों को जब्त किया गया है।
शालीमार बाग मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 4 के पास संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने के बाद बुधवार को पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार किया।
उत्तर-पश्चिम के पुलिस उपायुक्त भीष्म सिंह ने कहा, "एक टीम ने कार्रवाई करते हुए संदिग्धों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान हर्ष (22), टेक चंद ठाकुर उर्फ विनोद (39), लक्ष्य (28) और विपिन कुमार (38) के रूप में हुई।"अधिकारी ने कहा कि यह गिरोह नोटबंदी के बाद अमान्य नोटों को उनके अंकित मूल्य से बहुत कम दाम में बेचकर यह झूठा दावा करते थे कि आधार कार्ड का उपयोग करके भारतीय रिजर्व बैंक में इन्हें बदला जा सकता है। जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपियों ने स्वीकार किया कि उनका मकसद जल्द एवं अवैध रूप से पैसा कमाना था।
लंबी पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने खुलासा किया कि वे 2021 से आशीष और तरुण नामक दो व्यक्तियों के संपर्क में आए थे। लगभग दो महीने पहले, दोनों ने कथित रूप से उन्हें करोड़ों रुपये के अमान्य नोटों की जानकारी दी और उसे ठिकाने लगाने में मदद करने के लिए भारी कमीशन देने का वादा किया।
फोन पर मिले निर्देशों के आधार पर, आरोपियों ने भोले-भाले खरीदारों को ये नोट देने की कोशिश की। गिरफ्तार किए गए सभी लोग आर्थिक तंगी या व्यक्तिगत दबाव के कारण ऐसा करने पर मजबूर हुए।
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