नयी दिल्ली , दिसंबर 17 -- दिल्ली पुलिस ने आरजू-अनमोल बिश्नोई और हैरी बॉक्सर गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ये आरोपी इस महीने की शुरुआत में चंडीगढ़ में एक प्रतिद्वंद्वी गैंगस्टर की हत्या में कथित तौर पर शामिल थेसूत्रों ने बताया कि इनमें वे 'शूटर' भी शामिल हैं, जो चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा में कम से कम तीन हाई-प्रोफाइल हत्याओं के मामलों में वांछित थे। आरोपियों की पहचान पीयूष पिपलानी (28), अंकुश सोलंकी (23), कुंवरबीर (30), लवप्रीत सिंह (26) और संतोष उर्फ कपिल खत्री (29) के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, गिरोह के ये सदस्य अलग-अलग समूहों में राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे थे और कथित तौर पर एक और गंभीर अपराध को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे तभी उन्हें दबोच लिया गया।
स्पेशल सेल के अपर पुलिस आयुक्त प्रमोद सिंह कुशवाहा ने बताया, "पीयूष पिपलानी एक दिसंबर को चंडीगढ़ में हुए इंद्रप्रीत सिंह उर्फ पैरी हत्याकांड का मुख्य 'शूटर' था। इसके अलावा, वह इस साल की शुरुआत में पंचकूला में राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी सोनू नोल्टा की हत्या में भी शामिल था।"श्री सिंह ने संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा, "अंकुश सोलंकी इन दोनों मामलों में साथी हमलावर था और उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी था। अमृतसर का कुख्यात कुंवरबीर कथित तौर पर पैरी हत्याकांड में इस्तेमाल किए गए वाहन का चालक था।"संतोष उर्फ कपिल खत्री सितंबर में अमृतसर के व्यवसायी और 'लायन बार एंड रेस्टोरेंट' के मालिक आशुतोष महाजन की हत्या के मामले में वांछित था। हाल ही में एक हत्या के मामले में जमानत पर बाहर आया लवप्रीत सिंह कथित तौर पर फिर से गिरोह में शामिल हो गया था।
अधिकारी ने बताया कि यह ऑपरेशन पैरी हत्याकांड से जुड़े एक संदिग्ध के पहाड़गंज इलाके में आने की विशिष्ट खुफिया जानकारी मिलने के बाद शुरू किया गया था। मुखबिर की सूचना, तकनीकी विश्लेषण और अन्य सूचनाओं के आधार पर शुरुआत में रिंग रोड के पास शांति वन से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
श्री सिंह ने पत्रकारों को बताया, "इसके बाद 'अंततः शेष दो आरोपियों को सराय काले खां बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया गया।" उनके पास से कुल चार हथियार और बड़ी मात्रा में कारतूस जब्त किए गए हैं।
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