नयी दिल्ली , जनवरी 12 -- दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के टीबी मुक्त भारत के विजन में अपना योगदान देने के लिए उनकी सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और देखभाल के उच्चतम मानकों के साथ अपने डायग्नोस्टिक और इलाज व्यवस्था को आगे भी तेजी से और मजबूत करती रहेगी।
डॉक्टर पंकज ने कहा कि भारत सरकार के सेंट्रल ट्यूबरकुलोसिस डिवीजन (सीटीडी) से मिला सर्टिफ़िकेशन ट्यूबरक्लोसिस खत्म करने के हमारे लगातार प्रयासों के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। दिल्ली में टीबी मरीज़ों के लिए बेहद तेज़, ज़्यादा सटीक डायग्नोसिस और समय पर इलाज सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने कहा , " प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत के विजन में अपना योगदान देने के लिए हमारी सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और हम देखभाल के उच्चतम मानकों के साथ अपने डायग्नोस्टिक और इलाज सिस्टम को आगे भी तेजी से और मजबूत करते रहेंगे।"उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का यह महत्वपूर्ण कदम राजधानी दिल्ली में टीबी से निपटने के तरीके में एक बड़ा बदलाव लाएगा, जिससे डायग्नोस्टिक क्षमता बढ़ेगी, मरीज़ों के उन्मूलन के नतीजे बेहतर होंगे और आने वाले सालों में भारत के टीबी खत्म करने के लक्ष्य की प्रगति को सुनिश्चित करते हैं।
दिल्ली की इंटरमीडिएट रेफरेंस लेबोरेटरी (आईआरएल) सेंटर ने भारत सरकार के सेंट्रल ट्यूबरकुलोसिस डिवीजन (सीटीडी) से पहला सर्टिफिकेशन हासिल करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह सर्टिफिकेशन बेडाक्विलाइन और प्रेटोमेनिड के लिए एडवांस्ड ड्रग ससेप्टिबिलिटी टेस्टिंग (डीएसटी) करने के लिए मिला है। ये दोनों दवाएं दुनिया भर में ड्रग-रेसिस्टेंट ट्यूबरकुलोसिस (डीआर -टीबी) मरीजों के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाती हैं।
सीटीडी से मिला यह सर्टिफिकेशन राजधानी दिल्ली में ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिससे राजधानी दिल्ली की मल्टीड्रग-रेज़िस्टेंट (एमडीआर -टीबी) और एक्सटेंसिवली ड्रग-रेज़िस्टेंट ट्यूबरकुलोसिस (एक्सडीआर-टीबी) का सटीक पता लगाकर इलाज और प्रबंधन करने की इन-हाउस क्षमता और ज्यादा मजबूत होगी।
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