नयी दिल्ली , नवंबर 15 -- राष्ट्रीय राजधानी के लाल किला विस्फोट मामले की जांच में डा. आदिल अहमद के भाई मुजफ्फर का नाम भी सामने आया है जो दुबई से विस्फोटक उपकरण के लिए कच्चा माल इकट्ठा करने में सक्रिय था।

घटना की जांच कर रही सुरक्षा एजेंसी के सूत्रों ने कहा,"वह पांच साल से सक्रिय था। हमारी जांच से पता चला है कि मुजफ्फर दुबई से काम कर रहा था।" मुजफ्फर पर विस्फोटक उपकरण के लिए कच्चा माल इकट्ठा करने का आरोप है।

सूत्र ने कहा,"वह (मुजफ्फर) आतंकवादियों के लिए सेतु का काम कर रहा था। पाकिस्तान में आतंकवादियों से संपर्क कर रहा था और भारत में अपने गुर्गों को निर्देश दे रहा था।"डा. शाहीन विदेश यात्रा करना चाहती थीं। सूत्रों ने बताया कि डा. शाहीन विदेश यात्रा की योजना बना रही थीं। वह गिरफ्तार डॉक्टरों में से एक हैं। वह जैश-ए-मोहम्मद के आकाओं के सीधे संपर्क में थीं।

डा. शाहीन कथित तौर पर युवा डॉक्टरों को कट्टरपंथी बना रही थीं। जांच अधिकारी ने कहा,"वह धर्मांतरण का रैकेट भी चला रही थी। उन्होंने हाल ही में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। उन्होंने जांचकर्ताओं को बताया कि वह विदेश जाना चाहती हैं।"एजेंसियों का दावा है कि वह तुर्की जाने की योजना बना रही थी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, जम्मू-कश्मीर पुलिस और यूपी एटीएस इस मामले में छापेमारी कर रही हैं। अब तक सभी गिरफ्तारियां जम्मू-कश्मीर पुलिस ने की हैं।

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