दावणगेरे , मार्च 23 -- कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने दावणगेरे साउथ उपचुनाव को लेकर अल्पसंख्यक समुदायों में बढ़ती नाराजगी को शांत करने की कोशिश करते हुए कहा कि कांग्रेस उनकी चिंताओं को दूर करेगी और चुनाव में जीत हासिल करेगी।

श्री सिद्दारमैया ने मीडिया से बातचीत में कहा, "हम अल्पसंख्यकों की नाराजगी दूर करने का प्रयास करेंगे। हमें दोनों उपचुनावों में 100 प्रतिशत जीत का भरोसा है।" उन्होंने यह भी कहा कि गरीब, अल्पसंख्यक और समाज के अन्य वर्ग अब भी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ हैं।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब पार्टी ने दावणगेरे साउथ सीट से समर्थ शमनूर मल्लिकार्जुन को उम्मीदवार बनाया, जो दिवंगत वरिष्ठ नेता शमनूर शिवशंकरप्पा के पोते हैं। इस फैसले के बाद अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ वर्गों में विरोध देखने को मिला।

उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने कहा कि उम्मीदवारों का चयन आपसी सहमति से किया गया है और इसमें अल्पसंख्यक प्रतिनिधियों से भी चर्चा की गई थी। उन्होंने पार्टी में एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया।

इसके बावजूद, शहर के अख्तर रजा सर्कल पर प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे और पोस्टर लेकर विरोध जताया। उनका आरोप है कि कांग्रेस ने समुदाय की राजनीतिक भागीदारी को नजरअंदाज किया है और उन्हें केवल "वोट बैंक" के रूप में देखा जा रहा है।

गौरतलब है कि मुस्लिम संगठनों ने पहले पार्टी से मुस्लिम उम्मीदवार उतारने की मांग की थी, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया। इसी बीच, टिकट नहीं मिलने से नाराज स्थानीय कांग्रेस नेता सादिक पैलवान ने बागी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का ऐलान किया है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शमनूर परिवार का इस सीट पर लंबे समय से प्रभाव रहा है, लेकिन इस बार वंशवाद का मुद्दा और समुदायों के समीकरण चुनाव को जटिल बना सकते हैं।

9 अप्रैल को होने वाले उपचुनाव को अब कांग्रेस के लिए एक बड़ी परीक्षा माना जा रहा है, जिसमें उसे संगठनात्मक रणनीति और मतदाताओं खासकर अल्पसंख्यकों की अपेक्षाओं के बीच संतुलन बनाना होगा।

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