नई दिल्ली | , दिसंबर 27 -- महाराष्ट्र की दाभोल पावर प्रोजेक्ट (अब रत्नागिरी गैस एंड पावर प्रा लि) से जुड़े पूर्व सैनिकों ने अपने बकाया वेतन और पेंशन की मांग को लेकर शनिवार को यहां सरकारी बिजली कंपनी एनटीपीसी लि. के मुख्यालय एनटीपीसी भवन के बाहरप्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार आज एनटीपीसी भवन पर प्रदर्शन के दौरान कंपनी के अधिकारियों ने पूर्व सैनिकों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और आश्वासन दिया है कि सोमवार को उनकी शिकायतों को औपचारिक रूप से सुना जाएगा संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। पूर्व सैनिकों का पक्ष रखते हुए वी. एस. सालुंखे ने कहा कि एनटीपीसी द्वारा दिए गए आश्वासन पर करीबी नजर रखी जाएगी और आगे की कार्रवाई ठोस परिणामों पर निर्भर करेगी।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि 96 पूर्व सैनिक पिछले 24 वर्षों से लंबित वेतन और पेंशन बकाया के समाधान की मांग कर रहे हैं लेकिन कंपनी के लम्बे टालमटोल के चलते उनका सब्र जवाब दे चुका है।
प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में एनटीपीसी के खिलाफ प्रर्दशन की घोषणा की थी। एनटीपीसी दाभोल पावर प्रोजेक्ट की सम्पत्तियों का अधिग्रहण करने वाली कंपनी रत्नागिरी गैस एंड पावर की एक मुख्य प्रवर्तक है।
इन पूर्व सैनिकों ने मामले से जुड़े दस्तावेज दिखाते हुए कहा है कि संवैधानिक, कानूनी और संस्थागत सभी रास्ते अपनाने के बावजूद अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है। प्रदर्शन स्थल पर मीडिया से बातचीत में पूर्व सैनिकों ने कहा कि दशकों की देरी ने उन्हें गंभीर आर्थिक संकट में डाल दिया है, जिससे इलाज, भोजन और आवास जैसी बुनियादी जरूरतें प्रभावित हो रही हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित