भरतपुर , नवम्बर 13 -- राजस्थान में सवाई माधोपुर में गुरुवार को वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने घड़ियाल के पांच महीने के 10 बच्चों को चंबल नदी में छोड़कर उनके प्राकृतिक आवास पुनर्वास की प्रक्रिया की शुरुआत की।
वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि जुलाई 2025 में पालीघाट में स्थापित घड़ियाल पालन केंद्र में वैज्ञानिक पद्धति से अंडों से निकले इन नन्हें घड़ियालों का पालन-पोषण किया गया। इनकी लंबाई सात सेंटीमीटर से बढ़कर करीब 75 सेंटीमीटर हो जाने के बाद इनमें से 10 घड़ियालों को आज प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया जबकि शेष को आगामी दिनों में पांच-पांच के समूहों में क्रमवार छोड़ा जाएगा।
सूत्रों ने बताया कि यह परियोजना घड़ियाल संरक्षण योजना की एक बड़ी उपलब्धि है जिससे चंबल नदी क्षेत्र में घड़ियालों की संख्या और सुरक्षा दोनों में वृद्धि होगी। इस दौरान वन मंत्री संजय शर्मा ने पालीघाट स्थित घड़ियाल पालन केंद्र का भी निरीक्षण किया।
कार्यक्रम में मुख्य वन्यजीव प्रबंधक शिखा मेहरा, अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) राजेश गुप्ता, रणथम्भौर बाघ अभयारण्य के प्रथम प्रभागीय वन अधिकारी डॉ. रामानंद भाकर, रेंजर किशन सांखला उपस्थित रहे।
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