जयपुर , अप्रैल 17 -- राजस्थान के सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने शुक्रवार को कहा कि सहकारिता विभाग एवं कॉनफेड द्वारा प्रतिवर्ष राजधानी जयपुर में आयोजित किया जाने वाला राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है और इसके माध्यम से सहकारी संस्थाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को एक सशक्त मंच मिलने से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलता है।

श्री दक ने जवाहर कला केन्द्र के दक्षिण परिसर में दीप प्रज्ज्वलित कर एवं फीता खोलकर मेले का शुभारम्भ किया । इस अवसर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में सहकारी आन्दोलन की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सहकार मसाला मेले की सफलता से प्रेरित होकर पहली बार संभाग स्तर पर सफलतापूर्वक सहकार मेलों का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि अब जिला स्तर पर भी सहकार मेलों के आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला सहकारी आन्दोलन से जुड़े लोगों के साथ ही जयपुरवासियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण आयोजन है। जयपुरवासिसयों का मेले के प्रति अच्छा आकर्षण देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि मिलावट से परेशान आमजन को यहां शुद्ध मसाले एवं अन्य उत्पाद उचित दर पर उपलब्ध होते हैं।

इस अवसर पर श्री दक ने विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन कर देश और प्रदेश की सहकारी समितियों द्वारा प्रदर्शित मसालों एवं अन्य उत्पादों की जानकारी ली। इस अवसर पर पर विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां डॉ. समित शर्मा भी मौजूद थे।

उल्लेखनीय है कि सहकारिता विभाग एवं राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ (कॉनफेड) द्वारा वर्ष 2003 से प्रतिवर्ष इस मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले में उपभोक्ताओं को एक ही स्थान पर उचित मूल्य पर उच्च गुणवत्तापूर्ण मसाले एवं अन्य उत्पाद उपलब्ध होते हैं, जिससे यह आयोजन जयपुरवासियों के बीच लोकप्रिय बन गया है। इस वर्ष यह मेला 17 से 26 अप्रैल तक आयोजित किया गया है।

मेले में इस बार लगभग 150 स्टॉल्स लगाई गई है। मेले में राजस्थान के साथ-साथ केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कश्मीर, पंजाब, मध्य प्रदेश आदि विभिन्न राज्यों की सहकारी संस्थाएं अपने उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय कर रही हैं। साबुत एवं पिसे मसालों के अलावा विशिष्ट क्षेत्रीय उत्पाद भी यहां उपलब्ध हैं। केरल की काली मिर्च एवं लौंग, इरोड (तमिलनाडू) की हल्दी एवं दालचीनी, कश्मीर की केसर एवं ड्राई फ्रूट्स, पंजाब के चावल एवं रेडी टू ईट प्रोडक्ट, मध्य प्रदेश का सिहोरी गेंहू, मथानिया की लाल मिर्च, रामगंजमंडी एवं बारां का धनिया, नागौर का जीरा एवं कसूरी मैथी, जालोर की ईसबगोल, सिरोही की सौंफ, प्रतापगढ़ की हींग, चित्तौड़गढ़ की अजवाइन, पुष्कर का गुलकन्द, नाथद्वारा की ठण्डाई, भुसावर का अचार, राजसमंद का शर्बत, सोजत की मेहंदी, डूंगरपुर का आम पापड़, झाड़ोल की अरहर दाल, बीकानेर के पापड़ आदि मेले के मुख्य आकर्षण हैं।

मेले में आगंतुकों के लिए प्रतिदिन लकी ड्रॉ तथा समापन अवसर पर मेगा बम्पर ड्रॉ का भी आयोजन रखा गया है। साथ ही प्रतिदिन अलग-अलग संभागों के लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां भी दी जायेगी।

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