चेन्नई , मार्च 19 -- दक्षिण रेलवे के चेन्नई मंडल ने आम जनता और यात्रियों से रेल की पटरियों के किनारे कूड़ा कचरा जलाने जैसी गतिविधियों से बचने का अपील की है। रेलवे ने कहा कि खासकर गर्मियों के मौसम में ऐसी गतिविधियां आग लगने का सबब बन सकती हैं।

दक्षिण रेलवे के सूत्रों ने गुरुवार को कहा कि हाल के समय में रेलवे लाइनों के पास डंप किये गये कचरे और सूखी वनस्पतियों को जलाने की घटनाएं सामने आयी हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसी हरकतें रेलवे सुरक्षा और परिचालन के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं। इसके मद्देनजर अधिकारियों ने आगाह किया है कि ऐसी आग से उत्पन्न भीषण गर्मी और धुआं हाई-टेंशन ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) तारों और संवेदनशील सिग्नलिंग प्रणालियों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इससे ट्रेन सेवाओं में बाधा पड़ सकती है और यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

चेन्नई मंडल ने इस पर जोर दिया है कि एक छोटी-सी चूक भी गंभीर नतीजों का कारण बन सकती है। कृपया ऐसी गतिविधियों से दूर रहें। रेलवे ने अपील में जनता को सलाह दी गयी है कि वे रेलवे पटरियों के पास सूखे पत्ते, प्लास्टिक कचरा या अन्य ज्वलनशील पदार्थ न फेंकें, रेलवे क्षेत्रों में किसी भी तरह की आग पकड़ने वाली वस्तुएं न छोड़ें और रेलवे परिसर के पास कचरा या कूड़ा जलाने से सख्ती से परहेज करें।

उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां प्रतिबंधित हैं और रेलवे अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत दंडनीय हैं।

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