सोल , मई 08 -- दक्षिण कोरिया में बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर से पहले बौद्ध दीक्षा देकर पहले रोबोट भिक्षु 'गाबी' को आधिकारिक रूप से आध्यात्मिक सेवा में शामिल किया है।

देश की राजधानी सोल स्थित जोग्येसा मंदिर के द्युंगजेयोन हॉल में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान बुधवार को 130 सेंटीमीटर ऊंचे इस रोबोट ने पारंपरिक बौद्ध वस्त्र धारण कर भिक्षुओं के साथ प्रार्थना में भाग लिया।

चीनी कंपनी यूनिट्री रोबोटिक्स द्वारा विकसित इस ह्यूमनॉइड रोबोट 'जी1' को जोग्ये ऑर्डर ऑफ कोरियन बुद्धिज्म द्वारा आयोजित दीक्षा समारोह में 'गाबी' नाम दिया गया। 'सुग्ये' नामक इस अनुष्ठान में रोबोट ने बुद्ध की शिक्षाओं और मठवासी समुदाय के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की। दक्षिण कोरिया के इतिहास में यह अपनी तरह का पहला मामला है जब किसी ह्यूमनॉइड रोबोट को बौद्ध दीक्षा दी गई है।

दीक्षा के दौरान रोबोट ने 'योनबी' नामक शुद्धिकरण अनुष्ठान में भी हिस्सा लिया। परंपरा के अनुसार, नए भिक्षुओं की भुजाओं पर धूप से हल्के निशान बनाए जाते हैं, लेकिन रोबोट की भुजा पर प्रतीक स्वरूप 'कमल लालटेन उत्सव' का स्टीकर लगाया गया और उसके गले में 108 मोतियों की माला पहनाई गई।

इस अवसर पर रोबोट भिक्षु के लिए बौद्ध धर्म के पांच प्रमुख नियमों (पंचशील) को भी नए रूप में परिभाषित किया गया। इन नियमों में जीवन की रक्षा करना, अन्य रोबोट या संपत्ति को नुकसान न पहुंचाना, मनुष्यों का सम्मान और आज्ञा का पालन करना, धोखाधड़ी से बचना और आवश्यकता से अधिक चार्ज न करके ऊर्जा का संरक्षण करना शामिल है।

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