पटना , मई 05 -- राज्य के 855 थानों में संचालित महिला हेल्पलाइन डेस्क अब अपनी सेवाओं का दायरा बढ़ाते हुए वृद्धजनों और ट्रांसजेंडर (उभयलिंगी) समुदाय से जुड़े मामलों में भी सहायता प्रदान करेंगी।

पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन में आयोजित संवाददताा सम्मेलन में एडीजी (कमजोर वर्ग) अमित कुमार जैन ने बताया किराज्य के 855 थानों में महिला हेल्पलाइन डेस्क कार्यरत है, जिनकी मदद से महिलाओं को हर तरह की सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि अब इन हेल्प डेस्क के जरिए वृद्धजनों और ट्रांसजेंडरों (उभयलिंगी) से जुड़े मामलों को भी देखा-सुना जाएगा और उन्हें समुचित सहायता भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि इन डेस्क के माध्यम से अब समाज के अधिक कमजोर वर्गों को त्वरित और समुचित मदद सुनिश्चित की जाएगी।

इस अवसर पर एडीजी (मुख्यालय) सुनील कुमार ने कहा कि राज्य में विधि-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अपराधियों की गिरफ्तार पर खासतौर से जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष जनवरी से मार्च तक 99 हजार 158 अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन तीन महीनों के दौरान औसतन 33 हजार अपराधी प्रत्येक महीने की दर से गिरफ्तार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार अपराधियों में तीन हजार 485 संगठित अपराधों को अंजाम देने वाले अपराधी भी शामिल हैं। इसके अलावा इस अवधि में गिरफ्तार किए गए नक्सलियों की संख्या 27 है। बिहार में नक्सलियों का प्रभाव लगभग समाप्त हो गया है।

श्री कुमार ने कहा कि फिरौती के लिए अपहरण के मामलों में गिरफ्तार अपराधियों की संख्या इस वर्ष मार्च तक आठ है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने इन तीन महीनों में 1086 अवैध हथियार बरामद किए हैं। मार्च तक 13 रेगुलर हथियार भी बरामद किए हैं। पांच हजार 625 कारतूस और 24 मिनी गन फैक्ट्री भी बरामद की गई है।

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