नयी दिल्ली , दिसंबर 20 -- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा पार्टी के लोकसभा सदस्य शशि थरूर ने बंगलादेश में हो रही हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए भीड़ तंत्र के उन्मादियों के हिंदू अल्पसंख्यकों पर ढ़हाए जा रहे जुल्म पर चिंता जताई और कहा कि भीड़ का शासन कायम नहीं रहना चाहिए।
श्री थरूर ने हिंदुओं को चुन चुन कर निशाना बनाए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा "बंगलादेश में जारी हिंसा की मैं कड़ी निंदा करता हूं। उन्मादी भीड़ का शासन कायम नहीं रहना चाहिए।"उन्होंने कहा कि बंगलादेश में फरवरी में चुनाव है और वहां भीड़ तंत्र के शासन को खत्म कर लोकतंत्र की बहाली होनी चाहिए। वहां के हालात बेहद चिंताजनक हैं और यह बंगलादेश ही नहीं बल्कि भारत के लिए भी ठीक नहीं है।
श्री थरूर ने सोशल मीडिया एक्स पर हिंदू युवा दीपू चंद दास की पीट पीट कर हत्या पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए लिखा "पूरे बंगलादेश में हिंसक भीड़ तंत्र का राज चल रहा है और इसमें एक असहनीय दुखद घटना हुई है। अपराधियों ने एक गरीब हिंदू की पीट-पीट कर हत्या कर दी। मैं बंगलादेश सरकार की ओर से जारी निंदा की सराहना करता हूं, लेकिन उनसे यह जरूर पूछना चाहिए कि वे हत्यारों को दंडित करने के लिए क्या कर रहे हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।"कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी दीपू चंद दास की हत्या पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा, "बंगलादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा बर्बरतापूर्ण हत्या का समाचार अत्यंत चिंताजनक है। किसी भी सभ्य समाज में धर्म, जाति, पहचान आदि के आधार पर भेदभाव, हिंसा और हत्या मानवता के खिलाफ अपराध है। भारत सरकार को पड़ोसी देश में हिंदू, ईसाई और बौद्ध अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा का संज्ञान लेना चाहिए और बांग्लादेश सरकार के समक्ष उनकी सुरक्षा का मुद्दा मजबूती से उठाना चाहिए।"गौरतलब है कि बंगलादेश में छात्र नेता और इन्कलाबी मोर्चा के संयोजक शरीफ उस्मान हादी की शनिवार को हुई मौत के बाद वहां भीड़ सड़कों पर उतरी और हिंसक हो गई जिसने हिंदू युवक दीपू दास की पीटपीट कर हत्या कर दी।
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