त्रिशूर , अप्रैल 23 -- केरल के त्रिशूर में इस साल पूरम प्रेमियों को आतिशबाजी को रोमांच देखने को नहीं मिलेगा, क्योंकि प्रसिद्ध पूरम उत्सव के दो मुख्य हिस्सेदार परमक्कावु और तिरुवंबाडी देवास्वम ने इस प्रतिष्ठित उत्सव के आतिशबाजी के प्रदर्शन को रद्द करने का फैसला किया है।

यह फैसला उन 15 लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए लिया गया है, जिनकी मंगलवार को यहाँ से महज़ आठ किलोमीटर दूर मुंडाथिकोड में आतिशबाजी के गोदामों में काम करते समय मौत हो गयी थी। मंत्रियों और कलेक्टर द्वारा बुलाई गई दो घंटे की बैठक के बाद दोनों देवास्वम अधिकारियों ने इस भीषण आग दुर्घटना के मद्देनज़र आतिशबाजी का प्रदर्शन रद्द करने का अपना फैसला सुना दिया। बैठक में मंत्री के. राजन और आर. बिंदु, केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी, ज़िला कलेक्टर शिखा सुरेंद्रन, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, विधायक और अन्य लोग शामिल हुए। पहले से पूरम के उत्साह में डूबे शहर में अब शोक की लहर छा गयी है।

मंदिर अधिकारियों ने कहा कि पूरम के सभी अनुष्ठान पूरे विधि-विधान से संपन्न किए जाएँगे। अनुष्ठानों में हाथियों की परेड और मेलम (संगीत प्रदर्शन) शामिल हैं। कुडमट्टम (रंगीन छतरियों का आदान-प्रदान) समारोह को काफ़ी हद तक सीमित कर दिया जाएगा। इसे एक घंटे के बजाय केवल 15 मिनट तक ही आयोजित किया जाएगा। आम तौर पर, सजे-धजे हाथियों के ऊपर से लगभग 40 या 50 सेट रंगीन छतरियों का आदान-प्रदान किया जाता है। मधाथिल वरावु पंचवाद्यम और इलंजिथारा मेलम जैसे अन्य अनुष्ठान सामान्य रूप से ही संपन्न किए जाएँगे।

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