अगरतला , मार्च 27 -- त्रिपुरा में विपक्षी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने चुनाव आचार संहिता के संभावित उल्लंघन को लेकर चिंता जताते हुए मुख्य चुनाव अधिकारी त्रिपुरा, राज्य चुनाव आयुक्त तथा देश के मुख्य चुनाव आयुक्त को संबोधित एक आधिकारिक पत्र भेजा है।
पार्टी ने आरोप लगाया है कि जिन क्षेत्रों में वर्तमान में चुनाव प्रक्रिया जारी है, वहां सब्सिडी की राशि वितरित की जा रही है, जो स्थापित चुनावी नियमों का सरासर उल्लंघन है।माकपा के राज्य सचिव जितेंद्र चौधरी के अनुसार, खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत धर्मनगर विधानसभा क्षेत्र तथा त्रिपुरा त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (एडीसी) के कुछ इलाकों में कई लाभार्थियों को ऋण स्वीकृत किए हैं।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय की पीएमईजीपी योजना का उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी गैर-कृषि क्षेत्रों में छोटे उद्यमों को बढ़ावा देना है, जिसके तहत पात्र लाभार्थियों को 2.5 लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक की क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी प्रदान की जाती है।
श्री चौधरी ने आरोप लगाया कि केवीआईसी का मुंबई स्थित केंद्रीय कार्यालय चुनावी प्रतिबंधों के बावजूद इन सब्सिडी राशियों को सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा कर रहा है, जबकि चुनाव के दौरान विवेकाधीन निधियों के वितरण पर रोक होती है।
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