अगरतला , फरवरी 12 -- त्रिपुरा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लंबे समय से लंबित मामले सुलझाने की अपनी कोशिशों के तहत 14 फरवरी को राज्य में 'मेगा लोक अदालत' का आयोजन करेगी।

सालाना होने वाली चार राष्ट्रीय लोक अदालतों के अलावा, इस खास पहल का मकसद न्यायपालिका के काम का बोझ और कम करना है। इस आयोजन को बिना किसी रुकावट के चलाने के लिए सभी जिलों और उप-खंड अदालतों में सभी आवश्यक इंतज़ाम किये गये हैं।

मेगा लोक अदालत में 28 तय पीठों के ज़रिए कुल 23,698 मामले निपटाये जाएंगे। इन मामलों में मोटर वाहन अधिनियम से जुड़े 18,368, टीपी अधिनियम के तहत 4,503, टीजी अधिनियम से जुड़े 207 और आबकारी अधिनियम के तहत 620 मामले शामिल हैं।

प्राधिकरण की सदस्य सचिव झूमा दत्ता चौधरी के अनुसार, सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के कार्यालयों में नौ फरवरी से 13 फरवरी, 2026 तक लोक अदालत पूर्व सत्र किये जा रहे हैं। इन सत्रों का मकसद पार्टियों को मुख्य आयोजन से पहले अपने झगड़ों को आपसी सहमति से सुलझाने का मौका देना है। श्रीमती चौधरी ने याचिकाकर्ताओं को इस मौके का फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित किया है ताकि वे अपने मामले जल्दी और बिना किसी कानूनी खर्च के सुलझा सकें।

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