अगरतला , मार्च 05 -- त्रिपुरा सरकार ने खोवाई ज़िले में अथारामुरा पहाड़ी श्रृंखला के मुंगियाकामी इलाके में चार हाथी दर्रा बनाने की योजना की घोषणा की है। इसका मकसद जंगली हाथियों का सुरक्षित प्रवास सुनिश्चित करना और मनाव तथा हाथियों के बीच संघर्ष के खतरे को कम करना है।

अथारामुरा पहाड़ी श्रृंखला पर बसे मुंगियाकामी को हाल ही में एक आधिकारिक हाथी गलियारा बनाया गया था, क्योंकि 2024 में तेज़ रफ़्तार ट्रेनों से टकराकर दो हाथियों की दुखद मौत हो गयी थी। इस घटना ने इलाके में जंगली जानवरों की सुरक्षा से जुड़ी बड़ी चिंताओं को सामने लाया है।

राज्य के वन मंत्री अनिमेष देबबर्मा ने कहा कि सरकार ने गलियारे में कम से कम चार खास हाथी दर्रा (अंडरपास) बनाने को प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए एकविस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है।

उन्होंने कहा कि अगर आगे के आकलन में ऐसी ज़रूरत सही पाई जाती है, तो भविष्य में और हाथी दर्रा बनाए जा सकते हैं। उन्होंने मानव-जंगली जानवरों के टकराव को कम करने के लिए वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल करने की अहमियत पर ज़ोर दिया। उन्होंने बड़े अवसंरचना विकास के हिस्से के तौर पर खास वन्यजीव सुरक्षा उपायों की वकालत करने के लिए वन विभाग की कोशिशों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने स्थानीय समुदायों और वन्य जीव दोनों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के तरीकों को लागू करने के लिए रेलवे और सड़क प्राधिकरण जैसी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने और बातचीत करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया, ताकि होने वाले झगड़ों को कम किया जा सके।

मंत्री ने कहा कि वन विभाग ने इसे असरदार तरीके से लागू करने के लिए समर्थन और मार्गदर्शन लेने के लिए पहले ही पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सामने यह मुद्दा उठाया गया है।

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