अगरतला , फरवरी 23 -- त्रिपुरा के खोवाई जिले की कृष्णापुर विधानसभा क्षेत्र में सत्तारूढ़ भाजपा के समर्थकों ने उसके सहयोगी दल टिपरा मोथा के विधायक और ऑल इंडिया त्रिपुरा टाइगर फोर्स (एटीटीएफ) के पूर्व नेता रंजीत देबबर्मा की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस घटनाक्रम से राज्य की गठबंधन सरकार असहज स्थिति में आ गई है।
भाजपा से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि 21 फरवरी को रामचंद्रघाट में आयोजित भाजपा की मोटरसाइकिल रैली को टिपरा मोथा के कार्यकर्ताओं ने बाधित किया। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि टिपरा मोथा समर्थकों ने स्थानीय भाजपा नेता श्री प्रसेनजीत देबबर्मा के खिलाफ झूठे आरोप लगाए।
भाजपा नेता एवं जिला परिषद सदस्य (एमडीसी) विद्युत देबबर्मा ने श्री रंजीत देबबर्मा की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि एटीटीएफ के नेतृत्व के दौरान वे राज्य में लक्षित हत्याओं, अपहरण और कई हिंसक घटनाओं के लिए जिम्मेदार रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व उग्रवादी नेता ने राज्यभर में अनेक क्रूर घटनाओं को अंजाम दिया।
श्री विद्युत देबबर्मा ने कहा कि जनजातीय कल्याण मंत्री बिकाश देबबर्मा और भाजपा नेता प्रसेनजीत देबबर्मा को रंजीत देबबर्मा के नेतृत्व में निकाली गई मोटरसाइकिल रैली के दौरान टिपरा मोथा समर्थकों के विरोध का सामना करना पड़ा। उन्होंने विधायक द्वारा श्री प्रसेनजीत देबबर्मा की गिरफ्तारी की मांग की आलोचना करते हुए कहा कि हिंसा के इतिहास से जुड़े व्यक्ति को दूसरों पर आरोप लगाने का नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि जिस व्यक्ति ने कभी एक कुख्यात उग्रवादी संगठन का नेतृत्व किया हो, जो अनेक निर्दोष लोगों, यहां तक कि जनजातीय समुदाय के लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार रहा हो, उसे दूसरों पर आरोप लगाने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए।
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