अगरतला , जनवरी 24 -- त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने शांति और सद्भाव को बिगाड़ने की किसी भी कोशिश के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।

मुख्यमंत्री की यह चेतावनी उनाकोटी जिले के कैलाशहर में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो गुटों के बीच शुक्रवार को हुई हिंसक झड़प के बाद आई है, जिसमें कुछ अल्पसंख्यक भी शामिल हैं।

श्री साहा ने घटना पर टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया है कि ऐसी हिंसा में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि कैलाशहर में या राज्य में कहीं भी इसी तरह की किसी भी घटना में आरोपियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दी जाएगी।

कैलाशहर के विधायक और कांग्रेस विधायक दल के नेता बिरजीत सिन्हा ने इस गड़बड़ी की घटना पर टिप्पणी करते हुए इसे भाजपा के अंदरूनी झगड़े का नतीजा बताया।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग ने कहा कि पुलिस ने घटना का स्वतः संज्ञान लिया है और इस मामले में शामिल पाए गए सभी लोगों के साथ कानून के अनुसार सख्ती से निपटा जाएगा। उन्होंने कहा कि झड़प दो प्रतिद्वंद्वी समूहों के बीच हुई और पुलिस हिंसा के पीछे के कारणों की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि अनुशासनहीनता और अराजकता के ऐसे कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

भाजपा के स्थानीय नेताओं के एक समूह के नेतृत्व में हिंदू जागरण मंच ने आरोपी व्यक्तियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने दावा किया कि अल्पसंख्यक बदमाशों के एक समूह ने भाजपा के मंडल अध्यक्ष प्रीतम घोष पर हमला किया, जब वह शुक्रवार को शहर के उत्तरी हिस्से में गए थे। उन्हें सरस्वती पूजा समारोह को खराब करने के लिए धार्मिक उकसावे की जानकारी मिली थी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित