नयी दिल्ली , फरवरी 09 -- रूस से तेल खरीद को लेकर चल रही अलग-अलग तरह की बयानबाजी के बीच भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि तेल आयात के बारे में कोई भी फैसला लेते समय राष्ट्रीय हित और देशवासियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जायेगी।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सोमवार को यहां सवालों के जवाब में कहा कि यह सबको पता है कि भारत को अपनी जरूरत के लिए बड़ी मात्रा में तेल आयात करना पड़ता है और यह विभिन्न देशों और स्रोतों से लिया जाता है। उन्होंने किसी भी देश का नाम नहीं लिया लेकिन कहा कि भारत तेल आयात के मामले में किसी दबाव में नहीं आयेगा।

उन्होंने कहा कि भारत की पहले से ही यह नीति रही है कि वह देशवासियों को सस्ता तेल उपलब्ध कराने के लिए विविध स्रोतों से आपूर्ति की रणनीति पर काम करता रहा है।

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