हैदराबाद , अप्रैल 16 -- तेलंगाना में बटाईदार किसानों ने सरकार से कहा है कि वह सभी बटाईदार किसानों को 'लाइसेंस प्राप्त काश्तकार' पहचान पत्र जारी करे ताकि वे भी आम किसान की तरह फसल ऋण, सब्सिडी और मुआवजे का लाभ उठा सकें।

'रायथू स्वराज्य वेदिका' नामक संगठन की यहां आयोजित एक गोलमेज बैठक में मांग की गई कि सरकार 'लाइसेंस प्राप्त काश्तकार अधिनियम 2011' को प्रभावी ढंग से लागू करे और सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बटाईदारों तक पहुंचाए।

इस बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने बटाईदार किसानों की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में खेती करने वाले किसानों का एक बड़ा हिस्सा इसी वर्ग से आता है, लेकिन उनके पास बैंक ऋण और सरकारी लाभों तक पहुंच नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में किसानों की आत्महत्या के अधिकांश मामलों में बटाईदार किसान शामिल हैं, जो बढ़ते कर्ज के कारण यह आत्मघाती कदम उठाते हैं।

बैठक में बटाईदार किसानों की पहचान और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष को तेज करने के उद्देश्य से प्रख्यात अर्थशास्त्री प्रोफेसर डी. नरसिम्हा रेड्डी की अध्यक्षता में 'तेलंगाना कौलु रायथुला गुर्तिम्पु साधना समिति' का गठन किया गया। इस समिति ने एक संयुक्त कार्ययोजना की घोषणा की है, जिसके तहत सरकार पर दबाव बनाने के लिए ग्राम स्तर पर बैठकें, सर्वेक्षण, जिला स्तरीय कार्यक्रम और राज्यव्यापी अभियान चलाए जाएंगे।

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