हैदराबाद , अप्रैल 02 -- तेलंगाना में गुरुवार को 'प्रजा पालन - प्रगति प्रणालिका' के हिस्से के रूप में राज्य भर में ग्राम सभाओं का आयोजन किया जा रहा है।
यह 99 दिवसीय कार्य एजेंडा है। इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर शासन और विकास की गति को तेज करना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने प्रदेश की जनता को संबोधित किया। उनके इस संदेश को राज्य भर के गांवों और मोहल्लों में आयोजित ग्राम सभाओं के दौरान अधिकारियों ने पढ़कर सुनाया।अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा है कि जन-केंद्रित सरकार ने वित्तीय चुनौतियों का सामना करते हुए और कल्याण और विकास को प्राथमिकता दी है और अपने कार्यकाल के दो साल और तीन महीने पूरे कर लिये हैं। इस बात पर जोर देते हुए कि सरकार शासक के बजाय 'जनता के सेवक' के रूप में कार्य करती है, उन्होंने कहा कि हर निर्णय जन कल्याण, सामाजिक जिम्मेदारी और राज्य के भविष्य को ध्यान में रखकर लिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि उपचुनावों, पंचायत चुनावों और नगर निकाय चुनावों में मिली निरंतर जीत सरकार के प्रति जनता के भरोसे को दर्शाती है। उन्होंने आगे कहा कि इस जनादेश ने सरकार की जिम्मेदारी की भावना को और अधिक मजबूत किया है।
उन्होंने 99 दिवसीय कार्यक्रम के उद्देश्य पर कहा कि इस पहल की शुरुआत यह सुनिश्चित करने के लिए की गयी है कि सरकारी योजनाएं केवल आधिकारिक रिकॉर्ड तक सीमित न रहकर वास्तविक लाभ में बदलें। छह मार्च से शुरू हुआ यह कार्यक्रम सभी विभागों के समन्वित प्रयास के रूप में ग्राम स्तर से लेकर राज्य स्तर तक लागू किया जा रहा है।
श्री रेड्डी ने अधिकारियोंं को स्थानीय मुद्दों को सुलझाने, फाइलों के त्वरित निपटान, सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता बनाये रखने और प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर स्पष्ट ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया। श्री रेड्डी ने जोर देकर कहा कि कल्याणकारी योजनाएं, जिनमें महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, 500 रुपये में रियायती रसोई गैस सिलेंडर, 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली, आरोग्यश्री स्वास्थ्य सेवाएं, राशन कार्ड, बारीक चावल की आपूर्ति, इंदिराम्मा आवास और महिला सशक्तीकरण की पहल शामिल हैं। इन सभी योजनाओं का लाभ लक्षित वर्गों पहुंचना चाहिए।
व्यापक दृष्टिकोण का उल्लेख कर मुख्यमंत्री ने 'तेलंगाना राइजिंग - 2047' के सरकार के लक्ष्य को दोहराया, जिसका उद्देश्य राज्य को विभिन्न क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाना है। उन्होंने कहा कि राज्य को 'क्योर', 'प्योर' और 'रेयर' श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। इसका मकसद सेवाओं, विनिर्माण और कृषि में मानक के रूप में उभरना है।
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