हैदराबाद , मार्च 07 -- तेलंगाना में प्रतिबंधित कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के 130 कैडर ने अपने 124 हथियारों के साथ मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। यह राज्य में माओवादियों का सबसे बड़ा आत्मसमर्पण है।
आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों में तीन राज्य समिति सदस्य, एक क्षेत्रीय समिति सदस्य, दस संभागीय समिति सदस्य, 46 क्षेत्र समिति सदस्य और 70 पार्टी के सदस्य शामिल हैं।
मुख्यधारा में शामिल होने वाले नेताओं में एंड्री कलिथराम उर्फ उइके कल्लू और कोर्सा लक्कू, चलसानी नवाथा उर्फ चंद्रा, इरपा रामू उर्फ विनोद, मुचाकी उंगल उर्फ सुधाकर और पोट्टम अरुणा उर्फ सनिकी शामिल हैं।
आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों ने 124 हथियार भी सौंपे। इन हथियारों में एक एलएमजी, 31 एके-47 राइफल, 21 इनसास राइफल, 20 एसएलआर राइफल, 18 .303 राइफल, एक 9एमएम कार्बाइन, पिस्तौल, बोल्ट-एक्शन राइफल, एक अमेरिकी कार्बाइन, एफएएल राइफल, बीजीएल लॉचर्स और दूसरे हथियार शामिल थे।
अधिकारियों ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में पीएलजीए बटालियन के कैडरों और दंडकारण्य विशेष जोनल समिति तथा तेलंगाना राज्य समिति के नेताओं के आत्मसमर्पण करने से माओवादी संगठन को गहरा झटका लगा है और इस इलाके में उसकी क्षमताएं काफी कमजोर हुई हैं।
गौरतलब है कि यह आत्मसमर्पण मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की 21 अक्टूबर, 2025 की उस अपील के बाद हुआ है, जिसमें माओवादियों से हिंसा छोड़कर लोकतंत्र की मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की गई थी। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति और शांति तथा विकास के लिए बढ़ते जन समर्थन के जवाब में कैडरों ने सामान्य जिंदगी में लौटने का फैसला किया।
तेलंगाना सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों को उनके रैंक के आधार पर वित्तीय मदद मिलेगी। उन्हें समाज में फिर से घुलने-मिलने में मदद के लिए दूसरे फायदे भी मिलेंगे। आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों के लिए कुल इनाम की रकम लगभग 4.18 करोड़ रुपये है, जबकि उनमें से कई को अंतरिम राहत दी गई है।
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