हैदराबाद , फरवरी 03 -- भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी पर निशाना साधा और कांग्रेस सरकार के पहले वर्ष में दो लाख नौकरियां देने के अपने वादे से मुकरने का आरोप लगाया।
श्री रामाराव ने सोशल मीडिया एक्स पर अपने पोस्ट में कहा , "तेलंगाना में बेरोजगार युवाओं का बढ़ता गुस्सा अनिवार्य रूप से सत्तारूढ़ कांग्रेस के खिलाफ जाएगा। मुख्यमंत्री ने तत्काल रोजगार उत्पन्न करने का वादा करके सत्ता में आई थी लेकिन अब वह यह कहकर जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रहे हैं कि यह आश्वासन पांच साल के कार्यकाल के लिए दिया गया था। इस तरह के बयानबाजी में बदलाव करने से बेरोजगार युवा एवं उनके परिवार बहुत नाराज हैं।"उन्होंने याद किया कि कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि अगर सरकार पहले साल में दो लाख नौकरियां देने में विफल रहती है तो उसे सत्ता से हटा देना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि अगर उन शब्दों का सम्मान किया गया होता तो वर्तमान सरकार एक साल भी नहीं टिक पाती।
भर्ती प्रक्रिया की आलोचना करते हुए श्री रामाराव ने आरोप लगाया कि पिछली बीआरएस सरकार के दौरान लगभग 65,000 पदों के लिए नियुक्ति पत्र वितरित करने के बाद वह पहले से ही अंतिम चरण में थे लेकिन कांग्रेस सरकार ने नयी भर्तियों को पूरी तरह से रोक दिया है जिसके कारण पिछले दो वर्षों में एक भी नौकरी की अधिसूचना जारी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बीआरएस सरकार पर झूठा आरोप लगा कर धोखे से सत्ता हासिल की थी, जिसने लगभग 1.65 लाख पद भरे थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने घोटालों की एक श्रृंखला के बीच रोजगार कैलेंडर को दफना दिया है और चेतावनी दी कि तेलंगाना के चार करोड़ लोग मुख्यमंत्री द्वारा माफी मांगने के बावजूद बेरोजगार युवाओं के साथ हुए विश्वासघात को न तो भूलेंगे और न ही माफ करेंगे।
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