हैदराबाद , मार्च 26 -- तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को विधानसभा को सूचित किया कि बड़ी संख्या में लोग, विशेष रूप से युवा अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी (बैटिंग) ऐप्स के जाल में फंस रहे हैं, जिससे भारी वित्तीय नुकसान और कई मामलों में दुखद परिणाम सामने आ रहे हैं।
प्रश्नकाल के दौरान उठाये गये सवालों के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि नेशनल साइबरक्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) के माध्यम से 2023 से फरवरी 2026 के बीच पूरे राज्य में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स से संबंधित 1,456 मामले दर्ज किये गये हैं। अकेले हैदराबाद शहर में कई मामले सामने आये हैं, जिनमें कुल नुकसान लगभग 4.35 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
श्री रेड्डी ने कहा कि ये अवैध प्लेटफॉर्म लोगों को आसानी से पैसा कमाने का लालच देते हैं, जिससे अक्सर युवाओं और अन्य कमजोर वर्गों में इसकी लत लग जाती है और वे गंभीर वित्तीय संकट में फंस जाते हैं।
मुद्दे की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि अवैध सट्टेबाजी ऐप्स के माध्यम से हुए नुकसान के कारण 2023 से 20 मार्च 2026 के बीच पूरे तेलंगाना में आत्महत्या के 51 मामले दर्ज किये गये हैं। हालांकि, हैदराबाद और मलकजगिरी कमिश्नरेट में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन साइबराबाद सहित अन्य क्षेत्रों में ऐसी घटनाएं हुई हैं।
श्री रेड्डी ने कहा कि इस खतरे को रोकने के लिए कड़े कानूनी, प्रवर्तन और जागरूकता उपाय किये गये हैं। 'तेलंगाना गेमिंग एक्ट' में संशोधन कर सभी प्रकार की ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए को प्रतिबंधित कर दिया गया है और सख्त दंडात्मक प्रावधान पेश किये गये हैं। इस तरह के प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स सहित आयोजकों और प्रायोजकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।
आईटी अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और तेलंगाना गेमिंग अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए जा रहे हैं। सरकार ने इंटरनेट और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के समन्वय से कई अवैध सट्टेबाजी वेबसाइटों और यूआरएल को भी ब्लॉक कर दिया है। विभिन्न राज्यों में सट्टेबाजी नेटवर्क चलाने वाले कई आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जनता, विशेषकर युवाओं को ऑनलाइन सट्टेबाजी के जोखिमों, वित्तीय नुकसान और कानूनी परिणामों के बारे में शिक्षित करने के लिए पुलिस और साइबर सुरक्षा इकाइयों द्वारा व्यापक जागरूकता अभियान चलाये जा रहे हैं। ऐसी गतिविधियों को हतोत्साहित करने के लिए काउंसलिंग सत्र भी आयोजित किये जा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार राज्य में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए कानूनी कार्रवाई, तकनीकी हस्तक्षेप और जन जागरूकता की बहुआयामी रणनीति अपना रही है।
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