हैदराबाद , जनवरी 26 -- तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने सोमवार को संविधान की सर्वोच्चता को दोहराते हुए राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी 'विजन 2047' का खाका प्रस्तुत किया, जिसका उद्देश्य समावेशी विकास को बढ़ावा देना और तेलंगाना को 3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है।
देश के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर यहां परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज फहराने और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद राज्यवासियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ भारतीय संविधान आज भी देश का सर्वोच्च मार्गदर्शक है, जो न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल्यों को संजोए हुए है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस शहीदों के बलिदान को स्मरण करने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के संकल्प का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली 'प्रजा प्रभुत्वम'सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सरकार ने अपने कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने पर 'तेलंगाना राइजिंग-विजन 2047' दस्तावेज जारी किया है, जो संतुलित और सतत विकास के लिए एक व्यापक रोडमैप प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि तेलंगाना ने 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप स्वयं को तैयार किया है, जिसके तहत भारत को वर्ष 2047 तक 30 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
राज्यपाल ने कहा कि तेलंगाना ने वर्ष 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। यह विजन दस्तावेज तेलंगाना राइजिंग ग्लोबल समिट-2025 के दौरान वैश्विक निवेशकों की उपस्थिति में अनावरण किया गया। उन्होंने राज्य की तीन-क्षेत्रीय विकास रणनीति-क्योर, प्योर और रेयर-का भी उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य शहरी भीड़भाड़ कम करना, विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण और कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, किसानों और महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुधारों तथा सामाजिक न्याय से जुड़े उपायों की भी जानकारी दी।
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