हैदराबाद , दिसंबर 19 -- तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक बी. शिवधर रेड्डी ने शुक्रवार को कहा कि राज्य के 54 माओवादी अभी भी भूमिगत हैं, जिनमें दो राज्य समिति सदस्य और चार क्षेत्र समिति सदस्य शामिल हैं।
41 भूमिगत माओवादी कैडरों के साथ 24 हथियारों की आत्मसमर्पण की घटना पर मीडिया से बातचीत में रेड्डी ने कहा कि कई प्रमुख माओवादी अन्य राज्यों में सक्रिय हैं, जिनमें छत्तीसगढ़ भी शामिल है।
डीजीपी ने कहा कि सीपीआई (माओवादी) के सात केंद्रीय समिति सदस्यों में से पांच तेलंगाना के मूल निवासी हैं, जो संगठन की नेतृत्व संरचना में राज्य के दबदबे को रेखांकित करता है।
डीजीपी ने कहा कि सीपीआई (माओवादी) नेतृत्व ने अपने भूमिगत कैडरों को छत्तीसगढ़ से बाहर निकलकर अन्य क्षेत्रों में फैल जाने का निर्देश दिया है, जिसकी समय सीमा 31 मार्च 2026 है। यह वह तारीख है जिसे सरकार ने वामपंथी उग्रवाद को समाप्त करने के लिए निर्धारित की है।
डीजीपी ने कहा कि माओवादी नेतृत्व ने अपने कैडरों को यह संदेश दिया है कि 31 मार्च के बाद सुरक्षा अभियान कम कर दिए जाएंगे और उसके बाद वे अपनी भूमिगत गतिविधियां फिर से शुरू कर सकेंगे। हालांकि, यह आश्वासन भ्रामक है और यह एक झूठा वादा है।
डीजीपी ने कहा कि इस रणनीति के तहत सीपीआई (माओवादी) नेतृत्व कैडरों को मनमाने ढंग से अपरिचित और दूरस्थ क्षेत्रों में तैनात कर रहा है, अक्सर ऐसे क्षेत्रों में जहां उन्हें स्थानीय भूगोल की बुनियादी जानकारी और स्थानीय स्तर पर समर्थन नहीं मिलता।
उन्होंने माओवादियों से अपील की कि वे नेतृत्व के फैसलों को अस्वीकार करें, अपने हथियार सौंप दें और तेलंगाना सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत सरकार के समर्थन से मुख्यधारा में शामिल होकर शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन जिएं।
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