नैनीताल , अप्रैल 24 -- उत्तराखंड में नैनीताल जिले के भीमताल ब्लॉक के कई गांवों में तेंदुए (आदमखोर वन्यजीव) के आतंक के चलते जिला प्रशासन ने एहतियातन बड़ा फैसला लिया है।

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने आदेश जारी करते हुए 25 अप्रैल (शनिवार) और 27 अप्रैल (सोमवार) को क्षेत्र के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है।

जारी आदेश में कहा गया है कि ज्योलिकोट के ज्योली और भदयूनी समेत आसपास के कई गांवों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं सामने आ रही हैं और आदमखोर वन्यजीव की सक्रियता की लगातार सूचनाएं मिल रही हैं। इसके अलावा दोगड़ा, डोलमार, सूर्याजाला, मोरा, ज्योलीकोट, सूर्यागांव, गांजा, रानीबाग, आलूखेत, बल्यूटी, हैड़ी, सोनगोठ, काठगोदाम, बेल और नाईसेला क्षेत्रों में भी खतरे की आशंका जताई गई है।

इन गांवों के बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए सुनसान रास्तों, पगडंडियों और जंगलों से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनकी सुरक्षा को गंभीर खतरा होने की आशंका है। इसी को देखते हुए कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है।

यह निर्णय आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत लिया गया है और छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों एवं कर्मचारियों पर भी लागू होगा। हालांकि, जनगणना कार्य में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को इससे वंचित रखा गया है।

जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षाधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि आदेश की सूचना समय से अभिभावकों तक पहुंचाई जाए और इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही वन विभाग, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमों के साथ समन्वय बनाकर स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए।

यहां बता दें कि पिछले कुछ दिनों से ज्योलि और भद्यूनी गांव में तेंदुए का आतंक बना हुआ है। ज्योलि गांव में दो दिन पहले तेंदुए ने एक महिला को मौत के घाट उतार दिया था जबकि भद्यूनी में आज एक सिर कटा शव बरामद हुआ है। माना जा रहा है कि तेंदुए के हमले के चलते व्यक्ति की मौत हुई है।

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