कोलकाता , दिसंबर 29 -- पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के चिनसुरा से तृणमूल कांग्रेस विधायक असित मजूमदार ने सोमवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की सुनवाई दो घंटे तक रोके रखी। उनकी मांग थी कि पार्टी के ब्लॉक लेवल एजेंट-II (बीएलए-II) को सुनवाई केंद्र के भीतर जाने की अनुमति दी जाए।
चुनाव आयोग की ओर से बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की निंदा करते हुए श्री मजूमदार ने चिनसुरा-मोगरा ब्लॉक कार्यालय में सुबह 11 बजे से सुनवाई प्रक्रिया रोक दी। उनकी मांग थी कि पार्टी के बीएलए-II को सुनवाई स्थल पर प्रवेश दिया जाए।
उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग भाजपा के प्रति पक्षपाती है और लोकतांत्रिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने दावा किया कि बीएलए-II ने पिछले चार हफ्तों में आवेदन जमा करने में उनका समर्थन किया था और अब उन्हें सुनवाई के दौरान प्रवेश से वंचित कर दिया गया है।
चिनसुरा के विधायक ने कहा, "चुनाव आयोग जमींदार की तरह मनमानी कर रहा है। पूर्व सैनिकों, पुलिसकर्मियों और यहां तक कि 70-80 साल के बुजुर्गों तक को बुलाकर उनसे मतदाता पहचान पत्र दिखाने को कह रहा है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसीलिए मैंने सुनवाई रुकवा दी।"जब सत्यापन के लिए कतारों में खड़े लोग बेचैन होने लगे और नारे लगाने लगे, तब मौके पर जिलाधिकारी पहुंचे और उन्होंने स्थिति को सामान्य किया। दो घंटे रुके रहने के बाद सुनवाई फिर से शुरू हुई।
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