नयी दिल्ली , जनवरी 14 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को पश्चिम बंगाल हाईकोर्ट के फैसले को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर करारा हमला किया है।

भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने मीडिया को दिये एक बयान में कहा कि हाईकोर्ट द्वारा तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दावे को खारिज किया जाना यह साफ करता है कि पार्टी का पक्ष नैतिक और संवैधानिक दोनों ही दृष्टि से पूरी तरह गलत था।

श्री त्रिवेदी ने कहा कि इस पूरे मामले ने कई गंभीर राजनीतिक और संवैधानिक सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह भारत के इतिहास में पहली बार हुआ है जब कोई राजनीतिक पार्टी किसी निजी संस्था के बचाव में सामने आई है। उन्होंने कहा कि यदि तृणमूल कांग्रेस का यह दावा सही है कि पूरी राजनीतिक रणनीति एक निजी संस्था के पास थी, तो इसका अर्थ है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व अपने ही वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को अयोग्य और असमर्थ मानता है। उन्होंने कहा कि यदि उस निजी संस्था के पास कोई संवेदनशील जानकारी थी, तो यह और भी गंभीर मामला है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी ही पुलिस पर भरोसा नहीं किया। इससे यह संकेत मिलता है कि पश्चिम बंगाल सरकार को अपनी पुलिस व्यवस्था पर भी विश्वास नहीं है। इसी कारण मुख्यमंत्री स्वयं वहां गईं।

भाजपा नेता ने कहा कि इतना ही नहीं, सुश्री ममता ने अपने निजी स्टाफ पर भी भरोसा नहीं किया और खुद जाकर दस्तावेज अपने हाथों से उठाए। यह व्यवहार न केवल राजनीतिक रूप से गलत है, बल्कि संवैधानिक मर्यादाओं के भी खिलाफ है। उन्होंने कहा कि एक मुख्यमंत्री का इस प्रकार किसी निजी संस्था से जुड़े मामलों में सीधे हस्तक्षेप करना गंभीर चिंता का विषय है। इससे यह संदेश जाता है कि सत्ता का उपयोग नियमों और संस्थाओं से ऊपर रखकर किया जा रहा है।

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