नैनीताल , दिसंबर 15 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने देहरादून एवं बड़कोट क्षेत्र तीन बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) को शासन द्वारा निलम्बित किये जाने के आदेश को रद्द कर दिया है। इन बीएलओ को इसी साल 05 दिसम्बर को निलम्बित किया गया था ।
निलम्बित बीएलओ गजेंद्र सिंह नेगी, दीपक कुमार और दीपक सिंह ने निलंबन आदेश को पृथक पृथक रूप से उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ में सोमवार को तीनों की याचिकाओं पर सुनवाई हुई।
याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि उन्हें निलंबन से पूर्व कारण बताओ नोटिस जारी नहीं किया गया। जो कि नियमों के विरुद्ध है।
याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता एमसी पंत ने नियमों का हवाला देते हुए अदालत को बताया कि निलंबन तभी होगा जब आरोप पत्र दिया जाएगा। निलंबित बीएलओ सिंचाई विभाग के कर्मचारी हैं और उन पर ग्रामीण क्षेत्र के मतदाताओं का नाम शहरी क्षेत्र के मतदाता सूची में दर्ज करने का आरोप है।
श्री पंत ने कहा कि अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद निलंबन आदेश को रद्द कर दिया है।
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