नयी दिल्ली , अप्रैल 04 -- केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान अगले तीन दिनों में उत्तर-पूर्व से लेकर दक्षिण और पश्चिम भारत तक एक व्यापक चुनावी और प्रशासनिकप्रवास पर रहेंगे। उनके इस 'मेगा अभियान' में असम, तमिलनाडु, केरल, राजस्थान और पश्चिम बंगाल शामिलहैं, जहां वह भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को मजबूती देने के साथ-साथ कृषि और ग्रामीण विकास के एजेंडेको भी धार देंगे।

श्री चौहान पांच अप्रैल को अपने दौरे की शुरुआत असम से करेंगे। वह गुवाहाटी पहुंचकर बोकोखाट विधानसभा क्षेत्र के बिहोरा टी एस्टेट मैदान में चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे, जहां वह भाजपा उम्मीदवार अतुल बोरा के पक्ष में प्रचार करेंगे। इसके बाद वह नदुआर विधानसभा क्षेत्र के रंगाचकुआ मैदान में दूसरी सभा करेंगे, जहां वह पद्म हज़ारिका के समर्थन में वोट की अपील करेंगे और बूथ स्तर की रणनीति पर कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। असम के कार्यक्रमों के बाद, केंद्रीय मंत्री बेंगलुरु पहुंचेंगे। वहां रात में वह भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद संस्थानों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे, जिसका उद्देश्य कृषि अनुसंधान को सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचाना है। फिर छह अप्रैल को उनका पूरा ध्यान केरल के पलक्कड़ जिले पर रहेगा। वह पलक्कड़ की भाजपा उम्मीदवार शोभा सुरेन्द्रन के समर्थन में कन्नाडी पंचायत के कडुथुरुथी ग्राउंड में एक बड़ी सार्वजनिक सभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद वह पलक्कड़ में ही एक प्रेस वार्ता के जरिए केंद्र सरकार की किसान कल्याण और ग्रामीण विकास की योजनाओं का ब्यौरा साझा करेंगे।

सात अप्रैल को श्री चौहान राजस्थान की राजधानी जयपुर पहुंचेंगे। यहां वह पश्चिमी क्षेत्र के पहले जोनल कृषि सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा के कृषि मंत्री, वैज्ञानिक और प्रगतिशील किसान शामिल होंगे। सम्मेलन का मुख्य फोकस आत्मनिर्भर दलहन मिशन, प्राकृतिक खेती और डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन जैसे राष्ट्रीय लक्ष्योंपर रहेगा, ताकि पश्चिमी भारत में किसानों की आय बढ़ाने का रोडमैप तैयार किया जा सके।

अपने इस व्यस्त दौरे के आखिरी चरण में, नौ अप्रैल को शिवराज सिंह चौहान पश्चिम बंगाल पहुंचेंगे। यहां वह विशेष रूप से उन इलाकों पर ध्यान केंद्रित करेंगे, जहां की अर्थव्यवस्था चाय बागानों, मत्स्य पालन और ग्रामीण आजीविका पर टिकी है, ताकि भाजपा के विकास संदेश को जमीनी स्तर तक पहुंचाया जा सके।

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