तिरुवनंतपुरम , फरवरी 11 -- केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के शंतिकवादम श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के लिये इस्तेमाल होने वाले प्लेटफॉर्म के आसपास चूहों के दौड़ने के दृश्यों ने भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।

थायकाड स्थित इस श्मशान घाट की दयनीय स्थिति ने सुविधाओं को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है और मृत्यु के बाद की गरिमा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं।

कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री वी.एस. शिवकुमार ने निगम के यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) पार्षदों के साथ श्मशान घाट का दौरा करने के बाद इस मुद्दे को उठाया। यह दौरा उन बढ़ती शिकायतों के बाद किया गया जिनमें कहा गया था कि श्मशान घाट की कार्यप्रणाली गंभीर रूप से खराब हो गयी है।

बताया जा रहा है कि श्मशान घाट के कर्मचारियों ने प्रतिनिधिमंडल को सूचित किया कि दाह संस्कार के क्षेत्रों में अक्सर चूहे और अन्य जानवर घूमते देखे जाते हैं, यहाँ तक कि अंतिम संस्कार के दौरान भी वे वहाँ मौजूद रहते हैं।

श्री शिवकुमार ने कहा कि किसी व्यक्ति को उसकी अंतिम यात्रा में गरिमा से वंचित करना पूरे समाज के लिए शर्मनाक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शहर के सबसे पुराने श्मशान घाटों में से एक होने के बावजूद, शांतिकवादम वर्षों से जर्जर स्थिति में है और इसके नवीनीकरण या बहाली के लिए कोई सार्थक कदम नहीं उठाए गए हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि ढहते ढांचे, क्षतिग्रस्त सुविधाओं और बुनियादी रखरखाव के अभाव ने इस परिसर को उपेक्षा का प्रतीक बना दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी उन परिवारों के दुख के प्रति भी उदासीनता दिखा रहे हैं जो अपने प्रियजनों का अंतिम संस्कार करने आते हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित