बैतूल , जनवरी 13 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में ताप्ती नदी पर बने पारसडोह और चन्नीमन्नी बांधों के कारण बैतूल जिले के निचले इलाकों में भीषण जलसंकट गहराता जा रहा है। नदी का बहाव रुकने से खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे रबी फसलें सूखने लगी हैं और पशुपालन पर भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान सिमोरी, सोनाझार कोटमी, डोक्या, बरेठा, धामन्या, उती, जामू, गोरखीढाना, आमढाना, गौलागोंदी और मलियाढाना सहित कई गांवों के किसानों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने बताया कि ताप्ती नदी सूख जाने से पीने के पानी के साथ-साथ पशुओं के लिए चारा और पानी की भारी किल्लत हो गई है। किसानों ने राहत के तौर पर पारसडोह बांध से सीमित मात्रा में पानी छोड़े जाने की मांग की।
पूर्व विधायक धरमू सिंह सिरसाम, किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रशांत राजपूत और हर्षवर्धन धोटे ने किसानों की समस्या को गंभीर बताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते पानी नहीं छोड़ा गया और बांधों की मरम्मत नहीं हुई, तो फसलों के साथ पशुधन को बचाना मुश्किल हो जाएगा।
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