, Dec. 28 -- वाशिंगटन, 28 दिसंबर (वार्ता/स्पूतनिक) अमेरिका के वाशिंगटन में चीनी दूतावास ने आरोप लगाते हुए कहा है कि ताइवान को हथियार बेचकर अमेरिका 'क्षेत्र को संघर्ष के करीब' धकेल रहा है। रूसी समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती ने रविवार को यह जानकारी दी।

दूतावास के प्रवक्ता लियू पेंग्यू ने पेंटागन की 'डिफेंस सिक्योरिटी कोऑपरेशन एजेंसी' द्वारा ताइवान को 11.1 अरब डॉलर के हथियार, उपकरण और सैन्य सेवाओं की बिक्री को मंजूरी देने की घोषणा पर टिप्पणी करते हुए कहा, "ऐसे कदम 'ताइवान की स्वतंत्रता' की अपरिहार्य विफलता को नहीं बदलेंगे। ये सिर्फ ताइवान को तेजी से सैन्य संघर्ष के खतरे में धकेलेंगे।"उल्लेखनीय है कि ताइवान को दिये गये अमेरिकी हथियारों की खेप में जेवलिन सिस्टम, एल्टियस-700एम और एल्टियस-600 मानवरहित हवाई वाहन, एएच-1डब्ल्यू सुपरकोबरा हेलीकॉप्टरों के स्पेयर पार्ट्स, हिमार्स बहु-लॉन्च रॉकेट सिस्टम, एम107ए7 सेल्फ-प्रोपेल्ड आर्टिलरी इकाइयां और टीओडब्ल्यू एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम शामिल हैं।

प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका के लिए ताइवान को हथियार देकर 'स्वतंत्रता' के एजेंडे में मदद करने का विपरीत असर पड़ेगा। चीन ने बार-बार अमेरिका से ताइवान को हथियार बेचना बंद करने और ताइवान में तनाव पैदा करना बंद करने का आग्रह किया है।

चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका और ताइवान के बीच सैन्य बातचीत, साथ ही अमेरिकी नेतृत्व द्वारा ताइवान को हथियारों की बिक्री, "एक चीन" सिद्धांत और तीन संयुक्त चीन-अमेरिकी विज्ञप्तियों का घोर उल्लंघन है, जिससे चीन की संप्रभुता और सुरक्षा हितों को बहुत नुकसान हो रहा है और ताइवान में स्थिरता को खतरा है।

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