चंडीगढ़ , फरवरी 06 -- हरियाणा में तहसीलदार और नायब तहसीलदारों के हड़ताल पर चले जाने से प्रदेशभर में रजिस्ट्री सहित राजस्व से जुड़े कार्य बुरी तरह प्रभावित हो गए हैं। कई जिलों में रजिस्ट्री कार्यालयों में ताले लटके हुए हैं। जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

राज्य के पंचकूला जिले में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बनी हुई है जहां अब तक 91 रजिस्ट्रियां लंबित पड़ी हैं। शुक्रवार को जिले में 24 लोगों ने रजिस्ट्री के लिए टोकन तो लिया लेकिन हड़ताल के चलते एक भी रजिस्ट्री दर्ज नहीं हो सकी। प्रदेशव्यापी हड़ताल का सीधा असर सरकार के राजस्व पर भी पड़ रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रजिस्ट्री कार्य ठप होने से करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका जताई जा रही है। वहीं जमीन खरीद-बिक्री से जुड़े मामलों में देरी होने से लोग मानसिक और आर्थिक दबाव में हैं। तहसीलों में प्रमाण पत्रों से जुड़े काम भी प्रभावित हुए हैं। हड़ताल के कारण युवाओं को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) की ओर से हाल ही में विभिन्न भर्तियां निकाली गई हैं। इन भर्तियों के लिए डोमिसाइल प्रमाण पत्र अनिवार्य है। हालांकि युवाओं ने ऑनलाइन आवेदन कर दिए हैं लेकिन तहसीलदार स्तर पर स्वीकृति न मिलने के कारण प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं।

राजस्व अधिकारी एसोसिएशन का आरोप है कि तीन अधिकारियों पर की गई कार्रवाई से अधिकारियों में भय का माहौल बना दिया गया है। गुरुग्राम के वजीराबाद क्षेत्र के नायब तहसीलदार, नारायणगढ़ के नायब तहसीलदार संजीव अत्री और पंचकूला के रायपुर रानी तहसीलदार विक्रम सिंगला को निलंबित किए जाने के बाद अधिकारियों में नाराजगी है।

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