चेन्नई , जनवरी 20 -- तमिलनाडु सरकार ने मंगलवार को केंद्र सरकार से नई वीबी-जी राम-जी योजना को वापस लेने का आग्रह किया और कहा कि इससे राज्य पर 5,000 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ बढ़ गया है।
इसके साथ ही राज्य सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा ) के तहत अधिक निधि आवंटित करने की मांग की।
राज्य विधानसभा में अपने पारंपरिक नए साल के संबोधन में राज्यपाल आर एन रवि ने कहा कि केंद्र सरकार ने 'विकसित भारत - रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)' नाम की एक नयी योजना की घोषणा की है, जो मनरेगा के मूल उद्देश्य को कमजोर करती है, जिसका मकसद देश भर के ग्रामीण इलाकों में करोड़ों गरीब और वंचित लोगों, खासकर महिलाओं और आदि द्रविड़ समुदायों के लिए मजदूरी रोजगार सुनिश्चित करना था। मनरेगा के माध्यम से ग्रामीण गरीबों को सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की गयी है और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा सुविधाओं, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, हरियाली और वाटरशेड प्रबंधन जैसे कई काम सफलतापूर्वक लागू किए गए हैं।
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