चेन्नई , फरवरी 02 -- तमिलनाडु सरकार ने पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने की दिशा में तमिलनाडु वैश्विक पर्यटन शिखर सम्मेलन 2026 में सोमवार को 22,794.78 करोड़ रुपये के निवेश संबंधी कुल 127 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किये।

इन समझौता ज्ञापनों पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की उपस्थिति में हस्ताक्षर किये गये जिनसे 65,937 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। श्री स्टालिन ने शिखर सम्मेलन का उद्घाटन चेन्नई से लगभग 55 किलोमीटर दूर स्थित यूनेस्को धरोहर स्थल मामल्लापुरम में किया। इसमें पर्यटन मंत्री आर राजेंद्रन और उद्योग मंत्री टीआरबी राजा भी उपस्थित रहे। इन समझौता ज्ञापनों पर विभिन्न पर्यटन गतिविधियों के लिये हस्ताक्षर किये गये, जिनमें पारंपरिक पर्यटन, साहसिक पर्यटन, एमआईसीई पर्यटन, पर्यावरण पर्यटन आदि शामिल हैं।

तमिलनाडु की पारंपरिक लोक कलाओं एवं नृत्यों को प्रदर्शित करने वाले एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ शुरू हुए इस शिखर सम्मेलन के दौरान श्री स्टालिन ने पर्यटन विभाग, स्टार्टअप टीएन और गाइडेंस तमिलनाडु द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित पर्यटन नवाचार हैकाथॉन के शीर्ष तीन विजेताओं को एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया।

यह हैकाथॉन छह प्रमुख विषयों पर आयोजित किया गया, जिनमें पाक कला पर्यटन, कृषि एवं ग्रामीण अनुभव पर्यटन, पारंपरिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन, पर्यावरण पर्यटन, साहसिक पर्यटन और चिकित्सा पर्यटन शामिल हैं। हैकथॉन के विजेता ज़ेरा रोबोटिक्स प्राइवेट लिमिटेड, थाइज़्निलम तमीज़पन्नई और ऑर्टस इंडिया टूरिज्म प्राइवेट लिमिटेड रहे।

श्री स्टालिन ने कार्यक्रम के दौरान, मयिलादुथुराई, कुड्डालोर और चेंगलपट्टू जिलों में 40.25 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हुई तीन पर्यटन परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने मयिलादुथुराई जिले के तिरुक्कडैयूर और तरंगमपड़ी के पर्यटन स्थलों पर आठ करोड़ रुपये की लागत वाली दो परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वैश्विक पर्यटन शिखर सम्मेलन 2026 को एक प्रमुख वैश्विक मंच के रूप में परिकल्पित किया गया है, जिसका उद्देश्य पर्यटन के लिए भारत के सबसे प्रगतिशील, निवेश-अनुकूल, भौगोलिक एवं अनुभवात्मक रूप से विविध राज्यों में से एक के रूप में तमिलनाडु की अद्वितीय शक्तियों को प्रदर्शित करना है। इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य तमिलनाडु को बहुआयामी पर्यटन का एक अग्रणी निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करना है, जिससे एशिया का सबसे आकर्षक एवं गहन अनुभव वाला गंतव्य बनने की इसकी महत्वाकांक्षा को बल मिले।

नये निवेशों पर अधिकारियों ने कहा कि शिखर सम्मेलन में वैश्विक निवेशक, नीति निर्माता एवं उद्योग जगत के दिग्गज तकनीकी सत्रों, बी2बी प्रदर्शनियों, एमओयू हस्ताक्षर और गोलमेज सम्मेलनों में एकत्रित हुए हैं ताकि नीली, हरी, साहसिक एवं विरासत पर्यटन परियोजनाओं में नए युग के निवेश पर विचारों का आदान-प्रदान किया जा सके।

उन्होंने पर्यटकों की बढ़ती संख्या पर कहा कि पैनल चर्चाओं, अनौपचारिक बातचीत, हैकथॉन और गहन अनुभवों के माध्यम से, यह शिखर सम्मेलन हितधारकों को ऐसी रणनीतियों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक मंच प्रदान करेगा जो वैश्विक स्तर पर पर्यटकों की संख्या को बढ़ावा देगा एवं आगंतुकों के ठहरने की अवधि को बढ़ाएगा।

उन्होंने युवा विकास केंद्र के बारे में कहा कि शिखर सम्मेलन में स्टार्टअप प्रस्तुतियां, मास्टरक्लास और तकनीकी क्षेत्र के दिग्गजों एवं सलाहकारों के साथ युवाओं पर केंद्रित सहयोग शामिल है ताकि पर्यटन क्षेत्र में करियर के अवसरों पर चर्चा को बढ़ावा मिल सके। इसका उद्देश्य युवा अन्वेषकों, छात्रों और उद्यमियों को कौशल विकास के अवसर, व्यावहारिक समाधान विकास और रोजगार सृजन नेटवर्क प्रदान करके सशक्त बनाना है, जिससे तमिलनाडु अगली पीढ़ी के लिए अवसरों से भरपूर विकास केंद्र के रूप में स्थापित हो सके।

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