चेन्नई , मार्च 21 -- तमिलनाडु में थूथुकुडी जिले के विलाथीकुलम में 12वीं कक्षा की छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले में अपराधी को पकड़ने के लिए गठित विशेष टीमों ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर किया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक लड़की 10 मार्च को शाम को उस समय लापता हो गई थी जब वह शौच के लिए जंगली क्षेत्र में गई थी। माता-पिता के निरंतर पुलिस से संपर्क करने के बावजूद शुरू में मामला दर्ज नहीं किया गया था। परिजनों ने 11 मार्च को पीड़िता का शव मिलने के बाद उसे लेने से इनकार कर दिया था और अपराधी को पकड़ने की मांग के साथ-साथ दोषी पुलिस वालों पर भी कार्रवाई की मांग की थी। आखिरकार शुक्रवार को आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद परिजनों ने थूथुकुडी सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल से पीड़िता का शव स्वीकार कर लिया, जहाँ पोस्टमार्टम के बाद से ही इसे रखा गया था।
आरोपी की पहचान रामनाथपुरम जिले के सयालकुडी निवासी एम धर्मा मुनीश्वरम उर्फ मावीरन (38) के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ के बाद, उसे शुक्रवार शाम को बाल यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (पोक्सो) अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए दस टीमें गठित की थीं, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल रही थी, आखिरकार सफलता तब मिली जब उन्हें जंगली क्षेत्र के पास ली गयी एक मोटरसाइकिल की तस्वीर मिली, जिससे आरोपी की गिरफ्तारी हुई।
पुलिस के अनुसार आरोपी पहले से ही लगभग 30 आपराधिक मामलों में शामिल था। उसे एट्टयपुरम की एक बुजुर्ग महिला से जुड़े 2020 के दुष्कर्म-सह-हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी, लेकिन जब छात्रा की हत्या हुई तब वह जमानत पर बाहर था।
पूछताछ के दौरान, धर्ममुनीश्वरम ने स्वीकार किया कि घटना के दिन वह जंगल क्षेत्र में छिपा हुआ था और खेत के काम पर जाने वाली महिलाओं का इंतजार कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, जब लड़की ने चिल्लाना शुरू किया, तो वह घबरा गया तथा उसकी गर्दन पर अपना पैर रखकर और दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। आरोपी ने बताया कि वह उस रात जंगल में छिपा रहा और अगली सुबह मोटरसाइकिल से थूथुकुडी भाग गया।
इससे पहले एक स्थानीय निवासी सोलैअप्पन ने घटनास्थल के पास रामनाड-सीरीज नंबर प्लेट वाली एक मोटरसाइकिल की फोटो ली थी। शुरुआत में इसके महत्व से अनजान होने के बावजूद बाद में उन्होंने इस तस्वीर को पुलिस के साथ साझा किया।
थूथुकुडी जिले के पुलिस अधीक्षक सी. मधन ने कहा कि मुनीश्वरम की गिरफ्तारी का कारण बनने वाले सबूत पूरी तरह से वैज्ञानिक जांच के माध्यम से एकत्र किए गए थे। जिले के 450 से अधिक व्यक्तियों से प्रत्यक्ष और डिजिटल दोनों तरीकों से पूछताछ की गई थी। उन्होंने कहा कि चूंकि मामले की अभी भी जांच चल रही है, इसलिए इस समय अधिक विवरण का खुलासा नहीं किया जा सकता है।
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