चेन्नई , जनवरी 20 -- तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि ने मंगलवार को राज्य विधानसभा को बताया कि प्रदेश को पिछले पांच सालों में औद्योगिक क्षेत्र में 12.16 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा का निवेश मिला है।
राज्यपाल ने विधानसभा के पहले सत्र में अपने पारंपरिक नए साल के संबोधन में कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में 12.16 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा का निवेश आकर्षित हुआ है, और पिछले पांच सालों में पूरे राज्य में औद्योगिक परियोजनाएं लागू की जा रही हैं तथा अब तक विभिन्न प्रमुख उद्योगों के साथ 1,176 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिनसे लगभग 36 लाख रोज़गार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि 2025 में तमिलनाडु से 14.65 अरब अमेरिकी डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक्स सामान का निर्यात किया गया जिससे देश के कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में तमिलनाडु की हिस्सेदारी बढ़कर रिकॉर्ड 41.2 प्रतिशत हो गई है। मुत्तमिल अरिगनार कलैगनार के विज़न के अनुरूप 2000 में चेन्नई में स्थापित टाइडेल पार्क ने सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में तमिलनाडु को एक प्रमुख स्थान दिलाया है और इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश सरकार ने तिरुवल्लूर जिले के पट्टाबिरम में टाइडेल पार्क और तंजावुर, सेलम, विलुप्पुरम, थूथुकुडी, वेल्लोर और तिरुप्पुर जिलों में मिनी पार्क स्थापित किए हैं।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा, मदुरै, त्रिची, होसुर, कराईकुडी, विरुधुनगर, तिरुनेलवेली, कन्याकुमारी, इरोड, नमक्कल, तिरुवन्नामलाई, नागपट्टिनम, करूर, उधगमंडलम और पुदुकोट्टई में नए और मिनी टाइडेल पार्क स्थापित किए जाएंगे। इसका पूरे तमिलनाडु में विस्तार किया जा रहा है, जिससे राज्य में संतुलित क्षेत्रीय विकास के लिए एक माहौल बन रहा है। चेन्नई में लगभग 83 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से एक फिनटेक शहर विकसित किया जा रहा है।
राज्यपाल ने आगे कहा कि सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने और प्रोत्साहित करने के लिए 18 नयी क्षेत्र-विशिष्ट नीतियां लाई हैं, जिसमें तमिलनाडु अनुसंधान और विकास नीति और तमिलनाडु फुटवियर और चमड़ा उत्पाद नीति शामिल हैं।
उन्हाेंने कहा कि तमिलनाडु में लगभग 40 लाख सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम काम कर रहे हैं, जो राज्य के कुल औद्योगिक उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को मजबूत करने और बढ़ावा देने के लिए, 'तमिलनाडु ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम और 'कलैग्नार कैविनाई थिट्टम' जैसे विभिन्न उपाय किए गए हैं। इसके अलावा, 'तमिलनाडु स्टार्टअप और इनोवेशन पॉलिसी' भी जारी की गई है।
उन्होंने कहा कि उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 'ग्लोबल स्टार्टअप समिट' और कई औद्योगिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों सहित कई पहलें भी की जा रही हैं।
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