शिलांग , जनवरी 26 -- मेघालय के राज्यपाल सी एच विजयशंकर ने सोमवार को कहा कि तमिलनाडु के बाद मेघालय भारत का दूसरा सबसे तेजी से विकास करने वाला राज्य है जिसने वित्त वर्ष 2025 में 9.66 प्रतिशत की प्रभावशाली वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर्ज की है जो 2018 की दर से लगभग दोगुनी है।
उन्होंने कहा कि मेघालय कोविड महामारी के बाद लगातार तीन वर्षों तक औसतन 10 प्रतिशत वास्तविक जीएसडीपी वृद्धि बनाए रखने वाला एकमात्र राज्य है।
शिलांग के पोलो मैदान में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद अपने भाषण में राज्यपाल ने कहा, "मेघालय राज्य की स्थापना के 60 वर्ष पूरे होने तक, हम 2032 तक अपनी अर्थव्यवस्था को तीन गुना करने के सरकार के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में अग्रसर हैं, जो लचीले और समावेशी विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।"श्री विजयशंकर ने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना के अनुरूप, राज्य सरकार ने 2022 में मिशन 10 की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक एवं निजी भागीदारी से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देना, शिक्षा एवं कौशल विकास की गुणवत्ता में सुधार लाना और भविष्य के लिए तैयार अवसंरचना का निर्माण करना है।
मिशन 10 की शुरुआत 2022 में हुई थी जब मेघालय का जीएसडीपी पांच अरब डॉलर था और इसने 10 रणनीतिक अवसरों और 10 प्रमुख प्रतिबद्धताओं पर आधारित एक साहसिक रणनीति शुरू की थी जिसका उद्देश्य 2032 तक राज्य को प्रति व्यक्ति आय और एसडीजी प्रदर्शन में भारत के शीर्ष 10 राज्यों में शामिल करना है।
श्री विजयशंकर ने कहा कि मिशन 10 एक महत्वाकांक्षी आर्थिक छलांग की रूपरेखा है, जिसके अंतर्गत 2022 में पांच अरब डॉलर से बढ़कर 2028 तक 10 अरब डॉलर और 2032 तक 16 अरब डॉलर तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है जिससे मेघालय की अर्थव्यवस्था एक दशक में तीन गुना हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य पर नजर रखे हुए है और वित्तीय वर्ष 2018 से महामारी के व्यवधान के बावजूद मेघालय की सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में पहले ही 102 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है जो सात वर्षों में दोगुनी हो गई है।
राज्यपाल ने कहा कि सरकार विकास को बढ़ावा देने और युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के माध्यम से निजी क्षेत्र के निवेश को आकर्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है, और उन्होंने आगे कहा कि हाल के वर्षों में, राज्य की पहलों के माध्यम से 71,800 करोड़ रुपये से अधिक का निजी निवेश हुआ है।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2032 तक 28,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश जुटाना है जिससे 50,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।
अवसंरचना विकास पर प्रकाश डालते हुए, श्री विजयशंकर ने 3,500 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के निर्माण, राज्य सड़क परियोजनाओं के लिए 2,200 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड स्वीकृति, हवाई संपर्क के विस्तार एवं शिलांग-सिलचर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर सहित प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति का उल्लेख किया।
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