चेन्नई , दिसंबर 13 -- तमाम बाधाओं-चुनौतियों को पार कर तमिलनाडु की एक लड़की ने शनिवार को जब उड़ान भरी तो वह भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की सबसे युवा फ्लाइंग ऑफिसर बन गई।

उस लड़की की उम्र का हालांकि अभी पता नहीं है। यूनीवार्ता ने जब संपर्क किया, तो रक्षा सूत्रों ने बताया कि बातचीत के लिए फिलहाल वह उपलब्ध नहीं है।

फ्लाइंग ऑफिसर आर पोनशर्मिनी की कहानी दृढ़ता, लचीलेपन और अटूट सपनों के उड़ान की कहानी है। तमिलनाडु के दक्षिणी तिरुनेल्वेली जिले में जन्मी और चेन्नई में पली-बढ़ी पोनशर्मिनी बेहद साधारण घराने से आती हैं। उनके माता-पिता दोनों सिलाई का काम करते हैं। रक्षा सूत्रों ने बताया कि मां-बाप की कुर्बानियों की वजह से बचपन से ही पोनशर्मिनी में कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का जज्बा पैदा हो गया था।

विद्यालय और महाविद्यालय के दिनों में खिलाड़ी और एनसीसी कैडेट रही पोनशर्मिनी का शुरुआती लक्ष्य पेशेवर खिलाड़ी बनने का था। मगर वित्तीय कठिनाइयों के कारण उन्हें अपना सपना छोड़ खुद को पढ़ाई पर केंद्रित करना पड़ा। परिवार पर बोझ न पड़े इसके लिए उन्होंने बच्चों को पढ़ाने से लेकर टूर गाइड तक की अंशकालिक नौकरियां भी की। इसमें उन्हें मिली छात्रवृत्तियों ने भी मदद की।

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