भुवनेश्वर , अप्रैल 19 -- केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को ओडिशा के बालासोर से ब्रह्मपुर तक फैले एक समर्पित चार-लाइन रेलवे कॉरिडोर की घोषणा की, जिसका उद्देश्य व्यस्त हावड़ा-चेन्नई मुख्य लाइन पर कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना और भीड़भाड़ कम करना है।

पूर्व तटीय रेलवे के अंतर्गत विकसित किए जाने वाले प्रस्तावित कॉरिडोर से राज्य के आर्थिक विकास के साथ-साथ यात्री और माल ढुलाई दोनों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।

श्री वैष्णव ने कहा कि यह पहल ओडिशा को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से और अधिक निकटता से जोड़ने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। भुवनेश्वर में प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने राज्य में रेलवे संपर्क को बेहतर बनाने के लिए केंद्र की प्रतिबद्धता को दोहराया।

उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन में चल रहे पुनर्विकास कार्यों का निरीक्षण किया, जिसमें बेहतर पहुंच, उन्नत सुविधाएं, बेहतर आवागमन क्षेत्र और आधुनिक, हवाई अड्डे जैसी सुविधाएं जैसे यात्री-केंद्रित सुधार शामिल हैं।

अपनी यात्रा के दौरान श्री वैष्णव ने यात्रियों से बातचीत की और यात्रियों चल रहे परिवर्तन पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को काम की गति तेज करने और समय पर पूरा करने को निर्देश दिया।

रेल मंत्री ने स्टेशन के पूर्वी हिस्से में प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर की भी समीक्षा की और अधिकारियों को लंबित मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने का निर्देश दिया।

बाद में, भारत की पहली उन्नत ग्लास सेमीकंडक्टर पैकेजिंग इकाई, हेटरोजेनियस इंटीग्रेशन पैकेजिंग सॉल्यूशंस (3डी ग्लास सॉल्यूशंस) के शिलान्यास समारोह में श्री वैष्णव ने ओडिशा में चल रहे रेलवे विस्तार पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में ओडिशा में 90,000 करोड़ रुपये से अधिक की रेलवे परियोजनाएं चल रही हैं, जो अवसंरचना विकास का एक अभूतपूर्व चरण है। ओडिशा को रेलवे बजट में रिकॉर्ड 10,928 करोड़ रुपये का आवंटन प्राप्त हुआ है जो पिछले दशकों के औसत आवंटन से लगभग 13 गुना अधिक है।

रेल मंत्री ने समावेशी विकास की बात करते हुए पश्चिमी ओडिशा में रेल संपर्क सुधारने पर विशेष ध्यान देने की घोषणा की। प्रमुख परियोजनाओं में जूनागढ़-नबरंगपुर-जेपोर-मलकानगिरी-भद्राचलम कॉरिडोर शामिल है जिससे जनजाति एवं विकास की आकांक्षा रखने वाले क्षेत्रों तक पहुंच में सुधार होने की उम्मीद है।

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