नयी दिल्ली , दिसम्बर 16 -- देश के विभिन्न शहरों में स्थित ऐतिहासिक बाजारों को सुरक्षित बनाने के लिए ड्रोन आधारित अग्निशमन प्रणाली की व्यवस्था करने की मंगलवार को राज्यसभा में मांग की गई।

भारतीय जनता पार्टी की कविता पाटीदार ने कहा कि राजधानी दिल्ली के चांदनी चौक और देश भर के इसी तरह के अन्य ऐतिहासिक तथा सदियों पुराने बाजार भारत की संस्कृति तथा अर्थव्यवस्था के आधार हैं। ये बाजार छोटी और तंग गलियों में होने के कारण इनमें बिजली के तार फैले हुए हैं जिनसे शार्ट सर्किट और आग लगने का खतरा बना रहता है। उन्होंंने कहा कि इस तरह ये बाजार एक तरह से बारूद के ढेर पर बैठे हैं । आग लगने की स्थिति में इनमें फायर ब्रिगेड की गाडियां नहीं जा सकती । एक चिंगारी भी यहां भीषण आग का कारण बन सकती है।

सुश्री पाटीदार ने कहा कि इन बाजारों को सुरक्षित बनाने के लिए इनमें विशेष विरासत फायर फाइटिंग ड्रोन और भूमिगत टैंक में पानी की व्यवस्था कर इन्हें सुरक्षित किये जाने तथा कड़े नियम बनाये जाने की जरूरत है।

कांग्रेस के दिग्विजय सिंह ने कुछ व्यापारियों द्वारा कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपिडा) में अकर्बानिक उपज को कार्बनिक बताकर बेचने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि एपिडा से व्यापारी इसके लिए फर्जी प्रमाण एकत्र करते हैं और यह भ्रष्टाचार कुछ समय से चल रहा है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में निमाड़ क्षेत्र में अकार्बनिक कपास पैदा किया जा रहा है लेकिन तीन और चार हजार की फसल को कार्बनिक बताकर चार गुना अधिक दाम पर विदेशों में बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस बारे में जानकारी दे चुके हैं। इस तरह की घटनाओं से विदेशों में भारत की छवि खराब हो रही है। उन्होंंने कहा कि इस मामले की सीबीआई से जांच कराई जानी चाहिए।

असम गण परिषद के वीरेन्द्र प्रसाद वैश्य ने दिवंगत गायक जुबिन गर्ग को असम की आत्मा करार देते हुए उन्हें भारत रत्न दिये जाने की मांग की।

भाजपा की कल्पना सैनी ने साइबर अपराध के प्रति लोगों को जागरूक बनाने के लिए एक व्यवस्थित तंत्र बनाये जाने की मांग की।

भाजपा की रेखा शर्मा ने ताऊ देवीलाल स्टेडियम को विश्चव स्तरीय परिसर बनाने के लिए विशेष पैकेज देने की मांग की।

भाजपा के सिकंदर कुमार ने युवाओं में मोबाइल फोन के कारण उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले कुप्रभावों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बच्चों को इस समस्या के बारे में शिक्षित किये जाने के लिए मानसिक शिक्षा को स्कूली पाठ्यक्रम में शुरू किया जाये। उन्होंने कहा कि स्क्रीन नियंत्रण पर ध्यान दिये जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि बच्चे तकनीक का संतुलित इस्तेमाल करना सीखें ।

आईयूएमएल के हारिस बीरन ने नवविवाहितों की मौत पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इनमें से अधिकतर विभिन्न तरह के शोषण और अत्याचारों के कारण आत्महत्या करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि दहेज इनमें से सबसे बड़ा अत्याचार है।

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