रायसेन , मार्च 23 -- मध्यप्रदेश के रायसेन जिला मुख्यालय से लगभग 28 किलोमीटर दूर भोजपुर विधानसभा के ग्राम गुदावल में स्थित मां कंकाली के दरबार के बारे में कहा जाता है कि यहां भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है।
सामान्य तौर पर यहां मां की गर्दन टेढ़ी रहती है, लेकिन दशहरे के दिन हवन के बाद कुछ क्षण के लिए मां की गर्दन सीधी हो जाती है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव के पटेल हरलाल मीणा को माँ ने सपना दिया और इस स्थान पर खुदाई कर मूर्ति निकालकर स्थापना करने की बात कही थी। उसके बाद पटेल हरलाल मीणा ने सन 1731 में इसी जगह खुदाई कराई तो मां कंकाली के साथ ब्रह्मा विष्णु महेश की मूर्ति भी निकली थी। हरलाल मीणा ने सभी मूर्तियों के साथ माँ कंकाली की मूर्ति निकलवाई और उनको यहां विराजमान किया। तब से लेकर आज तक मां भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती आ रही हैं।
कहा जाता है कि एक बार कुछ चोरों ने माँ कंकाली के इस मंदिर में चोरी कर ली। उसके बाद उनकी आंखों की रोशनी चली गई, लेकिन जब उन्होंने इस दरबार में आकर अपनी गलती मानी और माँ कंकाली के दरबार में पहुंचकर माफ़ी माँगी। तब जाकर उनकी आंखों की रोशनी वापस आई।
मंदिर के पुजारियों का दावा है कि जिन महिलाओं की गोद सूनी होती है यहां आकर उनकी गोद भर जाती है। वहीं लोग अपने बिगड़े कामों की हाजिरी लगाने भी आते हैं और मन्नत का काम पूरा होने पर माँ का धन्यवाद करने भी यहां पहुंचते हैं।
इस मंदिर के बारे में बताया जाता है कि इस मंदिर में लगभग 111 साल से अखंड ज्योति जल रही है जो सदा जलती रहती है।
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