जयपुर , जनवरी 20 -- राजस्थान के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि उनके स्तरहीन और असंसदीय बयान उनकी राजनीतिक खीज का परिणाम हैं।

श्री राठौड़ अपने नयी दिल्ली प्रवास के दौरान मंगलवार को मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि एक जिम्मेदार विधायक होने के बावजूद वह शब्दों का सही चयन नहीं कर पा रहे हैं, जो उनकी राजनीतिक गिरावट और हताशा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बेईमान जैसे असंसदीय शब्दों का प्रयोग करना उनकी बिगड़ती शब्दावली और मानसिक स्थिति को उजागर करता है। यह उनकी राजनीतिक खीज का परिणाम है।

उन्होंने पंचायत, पंचायत समिति एवं जिला परिषद परिसीमन को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर कहा कि परिसीमन कभी भी राजनीतिक आधार पर नहीं होता। परिसीमन पूरी तरह निर्वाचन आयोग द्वारा कराया जाता है, इसमें किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने घुसपैठियों, बंगलादेशियों, रोहिंग्या आदि को वोटर बनाने का काम किया। परिसीमन के माध्यम से क्षेत्रीय डेमोग्राफी बदलने जैसे काम किए हैं। इसी कारण कांग्रेस को लगता है कि भाजपा भी ऐसा करेगी। अब एसआईआर में इन बाहरी लोगों के नाम कटते है तो इसमें कांग्रेस को आपत्ति क्यों है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आगामी चुनावों में हार का डर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इसी कारण वे पहले से ही आरोप लगाकर बहाने तैयार कर रहे हैं ताकि हार के बाद उसका ठीकरा किसी और पर फोड़ा जा सके। कांग्रेस की पुरानी आदत रही है कि जीत पर ताल ठोकती है और हार पर ईवीएम या संवैधानिक संस्थाओं को दोष देती है।

उन्होंने कहा कि आज संगठन में नई पीढ़ी को तैयार किया जा रहा है, जो एक सकारात्मक और स्वागतयोग्य पहल है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के पिता भी एक कुशल राजनेता रहे हैं और स्वयं नितिन नबीन भी एक बेहतर कार्यकर्ता हैं। इससे संगठन और अधिक मजबूत होगा। श्री राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस के पास न तो समर्पित कार्यकर्ता हैं और न ही संगठनात्मक अनुशासन। उनकी व्यवस्थाएं पूरी तरह बिगड़ी हुई हैं, जिसका परिणाम बार-बार सामने आ रहा है।

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