पटना , फरवरी 16 -- बिहार के सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने सोमवार को राज्य के अंदर विकसित पैक्सों में परिभ्रमण-दर्शन कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।
मंत्री डॉ. कुमार ने दीप नारायण सिंह क्षेत्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान, पटना से नालन्दा जिले के एकंगरसराय स्थित तेलहारा पैक्स में पटना जिले के कुल 25 पैक्स अध्यक्षों एवं प्रबंधकों का परिभ्रमण कार्यक्रम को हरी झण्डी दिखाकर राज्यव्यापी परिभ्रमण-दर्शन कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।
इस अवसर पर मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि सरकार सहकारिता क्षेत्र को सशक्त, आत्मनिर्भर एवं प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विकसित पैक्सों के सफल मॉडल का अध्ययन कर अन्य समितियाँ भी अपने कार्यक्षेत्र में नवाचार एवं विविधीकरण को अपनाएँगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और किसानों को अधिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकेंगी। सहकारिता केवल संस्था नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला है।
आज राज्य के सभी जिलों में प्रशिक्षण-सह-अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम के तहत् संबंधित जिलों के 25 पैक्स अध्यक्षों एवं प्रबंधकों के प्रथम दल को परिभ्रमण के लिये रवाना किया गया। परिभ्रमण कार्यक्रम के तहत् आज जमुई जिला के जमुई, बरहट एवं गिद्धौर प्रखंड के 25 पैक्सों के अध्यक्षों एवं प्रबंधकों को मुंगेर जिलान्तर्गत तारापुर प्रखंड के मानीकपुर पैक्स में, पूर्णियाँ जिलान्तर्गत 25 पैक्स अध्यक्षों को अररिया जिले के कुटाहा पैक्स में, पूर्वी चम्पारण जिले के पैक्सों का पश्चिमी चम्पारण में, भागलपुर जिले के अध्यक्षों को बाँका जिले के विकसित पैक्सों में परिभ्रमण के लिये भेजा गया।
राज्यव्यापी प्रशिक्षण-सह - अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम का उद्देश्य सहकारी समितियों के अध्यक्षों एवं प्रबंधकों की कार्यकुशलता में गुणात्मक वृद्धि करना है। इसके माध्यम से पैक्स अध्यक्षों एवं प्रबंधकों में नेतृत्व क्षमता, संगठनात्मक दक्षता, वित्तीय प्रबंधन, मानव संसाधन प्रबंधन, संप्रेषण कौशल, समसामयिक विधिक प्रावधानों तथा परियोजना प्रबंधन से संबंधित व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हो सकेगी।
राज्यव्यापी प्रशिक्षण-सह-अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के चयनित विकसित पैक्सों द्वारा विविध व्यवसायों का सफल संचालन किया जा रहा है, जो अन्य पैक्सों के लिए अनुकरणीय एवं प्रेरणास्पद है। इन्हीं सफल मॉडलों के प्रत्यक्ष अवलोकन से अन्य पैक्स भी नवीन तकनीकों एवं आधुनिक प्रबंधन पद्धतियों को अपनाने के लिये प्रेरित होंगे।राज्य सरकार की यह पहल सहकारिता क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण सुधार, क्षमता निर्माण तथा सतत् विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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