रामनगर , अप्रैल 29 -- कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना को लेकर मंगलवार को नई अटकलें तेज हो गईं जब कांग्रेस विधायक इकबाल हुसैन ने दावा किया कि उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार 15 मई तक सत्ता हासिल कर सकते हैं।
रामनगर में की गई इन टिप्पणियों ने कर्नाटक कांग्रेस के राजनीतिक हलकों में एक बार फिर हलचल मचा दी है जहां 2023 में पार्टी के सत्ता में लौटने के बाद से भविष्य में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं समय-समय पर होती रहती हैं।
श्री हुसैन ने पत्रकारों से कहा, "हम सभी चाहते हैं कि डीके शिवकुमार सत्ता में आएं। उनके नेतृत्व में हम राज्य में और अधिक विकास कार्य देखना चाहते हैं। कई विधायकों, मंत्रियों, कार्यकर्ताओं, नेताओं और आम जनता की भी यही इच्छा है।"उन्होंने अपने दावे के साथ एक समयसीमा भी जोड़ दी। विधायक ने कहा कि मुझे लगता है कि उन्हें 15 मई तक सत्ता मिल जाएगा और यही मेरी इच्छा एवं कामना है।
हालांकि श्री हुसैन ने मुख्यमंत्री पद का स्पष्ट रूप से उल्लेख नहीं किया लेकिन उनके बयान को कांग्रेस के कुछ वर्गों में श्री शिवकुमार को राज्य में एक बड़ी नेतृत्व भूमिका सौंपने के लिए बढ़ते समर्थन के प्रत्यक्ष संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
ये टिप्पणियां राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं क्योंकि श्री शिवकुमार एक शक्तिशाली वोक्कालिगा नेता और 2023 के विधानसभा चुनावों के दौरान कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष थे और उन्हें लंबे समय से शीर्ष पद के लिए एक प्रमुख दावेदार के रूप में देखा जा रहा है।
श्री हुसैन ने अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से मिले समर्थन की भी प्रशंसा की और खुद को जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध जमीनी स्तर के नेता के रूप में प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा, "मैं विधायक हूं, मैं मंत्री हूं और यहां के लोगों ने मुझ पर बहुत प्यार एवं विश्वास किया है। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे इस तरह से पाला-पोसा गया है। मुझे और क्या चाहिए? उनके लिए, मैं उनका मंत्री हूं, उनका मुख्यमंत्री हूं, सब कुछ हूं।"उन्होंने आगे कहा, "मैं मंत्री, विधायक और सेवक के रूप में अपने पद पर बना रहूंगा और इस सदन के पुत्र के रूप में कार्य करता रहूंगा।" श्री हुसैन की टिप्पणियों पर कांग्रेस नेतृत्व ने अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
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