पंचकूला/चंडीगढ़ , फरवरी 28 -- मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप और टीवी के बढ़ते उपयोग से लोगों में आंखों में थकान, सूखापन और सिरदर्द की समस्या तेजी से बढ़ रही है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक डिजिटल स्क्रीन का असर दृष्टि पर पड़ रहा है। ऐसे में पंचकूला स्थित में आयुर्वेदिक पद्धति से नेत्र रोगों का उपचार प्रभावी साबित हो रहा है।
आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में संस्थान के कुलपति प्रो. (डॉ.) संजीव शर्मा और डीन प्रो. गुलाब चंद पमनानी के मार्गदर्शन में शालाक्य तंत्र विभाग द्वारा नेत्र व्यायाम, त्रिफला क्वाथ, नेत्र परिषेक और नेत्र तर्पण जैसी विधियों से उपचार किया जा रहा है। विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन 50 से अधिक मरीज परामर्श के लिए पहुंच रहे हैं।
डॉ. गरिमा गुप्ता के अनुसार त्रिफला क्वाथ से आंखों की धुलाई चुभन, लालिमा, धुंधलापन और पानी आने की समस्या में लाभकारी है। नेत्र तर्पण भी रोशनी बढ़ाने में सहायक माना गया है। डिजिटल थकान से बचाव के लिए 20-20-20 नियम अपनाने की सलाह दी गई है-हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फुट दूर देखें और पलकें झपकाने से आखों को बहुत सकून मिलता है।
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